कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में बाघ व गुलदार के बीच खूनी संघर्ष हो गया, जिसमें गुलदार की जान चली गई। वन विभाग ने घटनास्थल के निकट कांबिग शुरू कर दी है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उपखंड की झिरना रेंज के वनों में एक बाघ व गुलदार के बीच खूनी संघर्ष छिड़ गया। रात भर जंगल बाघ की दहाड़ व गुलदार के गुर्राहट से गूंजता रहा। रविवार को कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उपखंड की झिरना रेंज की फांटो बीट के कक्ष संख्या 47 में पिलर संख्या सात के निकट सीमा पर गुलदार का शव गश्ती दलों को मिला, जिसकी सूचना गश्ती दलों ने उच्च अधिकारियों को दी। मौके पर कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी अमित कुमार ग्वासीकोटि, वनक्षेत्राधिकारी दीपक कुमार तिवारी, विश्व प्रकृति निधि के राहुल पण्डाग्रे आदि पहुंचे।
कार्बेट के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा व हल्द्वानी के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल सती ने शव का पोस्टमार्टम किया। चिकित्सक के अनुसार नर गुलदार की मौत किसी बाघ से हुए संघर्ष का परिणाम प्रतीत होती है। गुलदार की आयु लगभग दो वर्ष रही होगी। पोस्टमार्टम के बाद गुलदार के शव को मानक प्रक्रिया के अनुरूप सभी अंगों सहित जलाकर नष्ट किया गया। बिसरा सुरक्षित रखा गया है। डीएनए जांच को भेजा जाएगा।
उप प्रभागीय वनाधिकारी अमित कुमार ग्वासीकोटि के अनुसार गुलदार के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं।ा