-एडीएम न्यायिक के आदेश के बाद मची हलचल-धामपुर के मौजा उमरी में 2018 में किए गए थे पट्टे
-तत्कालीन ग्राम प्रधान और लेखपाल पर एफआईआर के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। धामपुर के मौजा उमरी में पशु चिकित्सालय के लिए सुरक्षित श्रेणी की जमीन पर किए 16 पट्टे एडीएम न्यायिक दीपाली भार्गव ने निरस्त कर दिए। इसके साथ ही पट्टे गलत तरीके से कराने के आरोप में तत्कालीन ग्राम प्रधान और लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश भी किए गए हैं। इससे उस समय पट्टे से जुड़े लोगों में खलबली मची हुई है।
एडीएम न्यायिक दीपाली भार्गव ने सोमवार को एक आदेश किया। आदेश में बताया गया है कि धामपुर के मौजा उमरी में गाटा संख्या 386 में करीब 0.139 हेक्टेयर जमीन पशु चिकित्सालय के लिए सुरक्षित श्रेणी में थी। वर्ष 2018 में इस जमीन पर 16 लोगों को पट्टा कर दिया गया। इसके बाद गांव के ही एक पक्ष ने पट्टा आवंटन में गड़बड़ी की शिकायत कर दी। तब से यह मामला एडीएम कोर्ट में चल रहा था। कुछ दिन पहले ही एडीएम न्यायिक दीपाली भार्गव और एसडीएम धामपुर मोहित कुमार ने मौके पर पहुंचकर इसकी जांच की। जांच में यह जमीन सड़क किनारे की करोड़ों रुपये कीमत की होने का आकलन किया गया।
सोमवार को एडीएम न्यायिक दीपाली भार्गव ने यह सभी पट्टे निरस्त कर दिए। इसके साथ ही तहसीलदार धामपुर को भूमि प्रबंध समिति में शामिल तत्कालीन लेखपाल, ग्राम प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए निर्देश भी दिए हैं।