किसानों के बीच जमीन पर बैठे रहे सभी दलों के नेता
बिजनौर। किसानों की महापंचायत को राजनैतिक अखाड़ा बनने से रोकने की भरपूर कोशिश की गई। सभी दलों के नेताओं के साथ मंच को साझा नहीं किया गया। ये नेता मंच से नीचे बैठे रहे। रालोद व सपा नेताओं को इससे करारा झटका लगा। रालोद के युवा नेता के पंचायत में आने से थोड़ी देर के लिए हालत बदल गई। पहले उन्हें भी मंच पर नहीं आने के लिए कहा गया। केवल समर्थन देने की बात कही गई। बाद में गौरव टिकैत ने उन्हें मंच पर बुला कर भाषण कराया।
महापंचायत से पूर्व ही भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने एलान कर दिया था कि पंचायत के मंच पर किसी भी दल का नेता नहीं आएगा। सोमवार को पंचायत के दौरान भी दिगंबर से यह बात दोहराई और कहा कि भाकियू अराजनैतिक है और रहेगी। सपा व रालोद के तमाम नेता अपने समर्थकों के साथ पंचायत में पहुंचे। पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश, मूलचंद चौहान, विधायक तसलीम अहमद, मनोज पारस, नईमुलहसन सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन समेत सभी नेताओं को मंच से नीचे किसानों के बीच बैठाया गया। पंचायत के दौरान करीब तीन बजे रालोद युवा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पंचायत में कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे तो मंच साझा करने के लिए रालोद कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। दिगंबर सिंह तब भी जयंत चौधरी को मंच पर बैठाने को राजी नही हुए। उन्हें भाकियू नेताओं के साथ नीचे की कतार में बैठा दिया गया। उस समय गौरव टिकैत भाषण दे रहे थे। इस दौरान रालोद नेता व कार्यकर्ता जयंत चौधरी का भाषण कराने के लिए हंगामा करते रहे। यह देख गौरव टिकैत ने जयंत चौधरी को मंच पर आकर भाषण देने के लिए बुला लिया। गौरव टिकैत के निर्णय के आगे कोई भाकियू नेता नहीं बोला। जयंत चौधरी ने तब जाकर अपना भाषण दिया।