बिजनौर में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कथित अपहृत दो सदस्यों कल्पना सिंह और डा. विकास के कोर्ट में पेश किए जाने की अफवाह पर उन्हें रोकने के लिए जजी परिसर में भारी पुलिस बल पहुंच गया। वकीलों ने जजी परिसर में पुलिस बल आने का जमकर विरोध किया। पुलिस और वकीलों में नोकझोंक भी हुई। वकीलों ने इस मामले को जिला जज के सामने उठाया। जिला जज के आदेश पर पुलिस बल जजी परिसर से बाहर गया।
जजी परिसर में मंगलवार को भी देर शाम तक अपहृत सदस्यों के आने की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल मौजूद था। बुधवार को भी सुबह से ही पुलिस की गाड़ियां जजी में पहुंच गईं। सीजेएम कोर्ट के आसपास सैकड़ों की संख्या में पुलिसवालों को देखकर वकीलों में रोष फैल गया। जिला बार अध्यक्ष एसके बबली, वरिष्ठ अधिवक्ता मुनिदेव शर्मा की अगुवाई में वकीलों ने पुलिस की मौजूदगी पर एतराज जताया।
पुलिस के जजी परिसर में डेरा डालने पर वकील उखड़ गए। वकीलों ने नारेबाजी करते हुए पुलिस को बाहर जाने के लिए कहा। इस बात पर पुलिस और वकीलों में नोकझोंक हुई। जिला बार अध्यक्ष के नेतृत्व में वकील जिला जज पीके श्रीवास्तव के पास पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी पर कड़ा रोष जताया। वकीलों ने पुलिस बल को जजी परिसर से बाहर किए जाने की मांग की। हंगामे की सूचना पर एसपी देहात डा.धर्मवीर सिंह व सीओ सिटी रामानंद कुशवाहा जजी पहुंचे। जिला जज ने पुलिस अधिकारियों को अनावश्यक पुलिस बल जजी परिसर से हटाने को कहा। इसके बाद पुलिस बल जजी से हट गया।