बिजनौर। जमीयत उलेमा ए हिंद ने पेरिस, लेबनान, तुर्की और अन्य देशों में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की। संगठन के सदस्यों ने दहशतगर्दी को खत्म करने के लिए जेहाद छेड़ने का ऐलान किया।
सदस्यों ने मौन जुलूस निकालकर इस मामले में यूएनओ के जनरल सेक्रेट्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सहदेव मिश्र को सौंपा है।
संगठन के सदस्य मुख्य डाकघर चौराहे पर एकत्र हुए और पेरिस में हुई घटना के विरोध में मौन जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। ज्ञापन में बताया कि कुछ आतंकी ताकतें इस्लाम के नाम पर बेगुनाहों का खून बहा रही हैं। कहा कि ऐसी आतंकी ताकतों के खिलाफ जिहाद छेड़ना होगा।
ऐलान किया कि वे तब तक आतंकवाद के खिलाफ लड़ते रहेंगे जब तक कि पूरी दुनिया से इसका खात्मा नहीं हो जाता है। सदस्यों ने आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ के जनरल सेक्रेट्री को प्रेषित ज्ञापन में आतंकी ताकतों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, ऐसी घटनाओं को किसी मजहब से न जोड़कर देखने की मांग की गई है।
ज्ञापन पर जमीयत उलेमा ए हिंद जिलाध्यक्ष मुफ्ती बिलाल अहमद, जनरल सेक्रेटरी अरशद महमूद , मुफ्ती शमसुद्दीन , कारी शौकत, अब्दुल हलीम, मुफ्ती उवैैस अकरम आदि के हस्ताक्षर हैं।
दहशतगर्दों का इस्लाम से ताल्लुक नहीं
नजीबाबाद। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने पेरिस, तुर्की सहित आतंकवादियों द्वारा कत्ले आम को इंसानियत और इस्लाम के खिलाफ बताया।
उलेमा ने मौन प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। पेरिस, तुर्की और दुनिया के जिन इलाकों में बेगुनाह इंसानों का कत्ल किया जा रहा है, उन आतंकवादियों का इस्लाम से कोई ताल्लुक नहीं है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सदर मो.असलम कासमी ने उलेमा के साथ तहसील में पहुंचकर यह बात कही।
नापाक जुर्म करने वाले दहशतगर्दों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बारे में केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन तहसीलदार राशिद अली खां को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में मौलाना लियाकत हुसैन, मौलाना इम्तियाज, मौलाना लईक आदि रहे।