जिले में एंटी रेबीज इंजेक्शन का टोटा, भेजी डिमांड
बिजनौर। जिला अस्पताल सहित जिले के करीब सभी अस्पतालों में रेबीज के इंजेक्शनों का भारी टोटा है। जिला अस्पताल सहित पूरे जिले के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज इंजेक्शन (एआरवी) उपलब्ध कराने के लिए मुख्यालय को डिमांड भेज दी गई है। सूत्रों का कहना है कि प्रतिमाह जिले में करीब एक हजार बायल की खपत होती है। हर बार इतनी ही डिमांड भेजी जाती है, लेकिन मुख्यालय से मात्र 960 बायल ही दी जाती है।
जिले में कुल 24 सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें 12 प्राथमिक और 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें नजीबाबाद, धामपुर, चांदपुर, नगीना, जलीलपुर, स्याऊ, नहटौर, नूरपुर, स्योहारा, अफजलगढ़, कासमपुरगढ़ी, कोतवाली देहात, चंदक, मंडावर, किरतपुर, हल्दौर आदि शामिल हैं। इसके अलावा जिले में लगभग 45 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित हैं। इनमें भागूवाला, झक्काकी, मंडावली, नांगल सोती, किरतपुर क्षेत्र में भनेड़ा, गनौरा, बेगमपुरशादी, कोतवाली देहात में कोटकादर, पुरैनी, मोहम्मदपुर देवमल में स्वाहेड़ी, धर्मनगरी, बालावाली, बरुकी आदि शामिल हैं। नियमानुसार जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध होने चाहिए। सीएचएसी व पीएचसी को तो छोड़िए पिछले करीब 15 दिन से जिला अस्पताल भी एआरवी विहीन है। चिकित्सकों के अनुसार जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन करीब 80 मरीज रेबीज इंजेक्शन लगवाने आते हैं, जबकि जिले की अन्य सीएचसी व पीएचसी पर ऐसे मरीजों की संख्या करीब 150 के आसपास है। मरीजों का कहना है कि उन्हें सरकारी अस्पतालों में इंजेक्शन नहीं मिल पाते हैं। उन्हें मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। मरीजों ने शीघ्र ही एआरवी उपलब्ध कराने की मांग की है।
शीघ्र ही इंजेक्शन उपलब्ध कराएंगे
सीएमओ विजय कुमार यादव ने बताया कि वे प्राथमिकता के आधार पर हर सीएचसी व पीएचसी पर शीघ्र ही एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराएंगे। साथ ही भविष्य में सभी केंद्र प्रभारियों को इंजेक्शन की कमी होने के एक सप्ताह पूर्व ही डिमांड भेजने के निर्देश दिये गए हैं।