कोविड-19 वित्तविहीन शिक्षकों के लिए बना अभिशाप
धामपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (सेवारत गुट) की बैठक आरएसएम इंटर कॉलेज में हुई। जिला मंत्री विनोद कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज द्वारा संचालित वित्तविहीन, मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत वित्तविहीन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए कोविड 19 का समय अभिशाप बन कर आया है। सरकार से आर्थिक पैकेज की मांग की।
शुक्रवार को संपन्न बैठक में जिला मंत्री ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों के लिए मात्र एक शासनादेश जारी कर दिया जाता है। गत वर्ष भी ऐसा ही हुआ था और इस वर्ष भी जब से माध्यमिक विद्यालय में शिक्षण कार्य स्थगित करने के आदेश शासन द्वारा जारी किए गए हैं। तभी से वित्तविहीन शिक्षकों की भी अनिश्चितकालीन छुट्टी कर दी गई है। अधिकांश वित्तविहीन शिक्षकों के पास न तो नियोक्ता द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदत्त किए गए हैं। न ही शासन के पास कोई उनका अभिलेख होता है।
अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 20 मई 2021 को तथा कार्यालय जिलाधिकारी बिजनौर द्वारा 21 मई 2021 को प्रबंधक/ प्रधानाचार्य के लिए नियमित रूप से पारिश्रमिक /वेतन का भुगतान करने के आदेश जारी किए गए हैं। परंतु अधिकांश विद्यालयों में वित्तविहीन शिक्षकों /कर्मचारियों के वेतन की स्थिति शासनादेश के विपरीत है। ऐसी विषम परिस्थितियों को देखते हुए शासन से मांग की है कि ऐसी स्थिति में सरकार वित्तविहीन शिक्षकों के लिए आर्थिक पैकेज देकर उनके परिवारों को आर्थिक संकट से निकालने में सहयोग करे। नियमित वेतन भुगतान की व्यवस्था की जाए। बैठक में प्रधानाचार्य ओपी यादव, अतुल कुमार, अभिषेक कुमार, चेतन कुमार आदि शिक्षक रहे। अध्यक्षता अनिल कुमार देवरा ने की। शाखा उप मंत्री सुनील कुमार राजपूत ने संचालन किया।