नजीबाबाद के शेखपुरगढ़ू क्षेत्र में चुनावी मुद्दों पर चर्चा करते क्षेत्रवासी।
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नजीबाबाद में विभिन्न राजनीतिक दल जनता के समक्ष अपनी छवि को दूसरों से बेहतर बताने में जुटे हैं। प्रत्याशी अपना दामन पाक-साफ और इरादे नेक बताकर जनता के बीच जाने लगे हैं। मगर, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिज्ञों को पांच वर्षों तक परख चुके मतदाता आत्ममंथन में जुटे हैं। वोटरों की बस एक ही आवाज है कि वे किसी नेता के कोरे आश्वासनों के झांसे में नहीं आएंगे।
रफ्ता-रफ्ता विकसित हो रहे शेखपुरगढ़ू क्षेत्र के लोग खासे उपेक्षित हैं। ज्यों-ज्यों विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, क्षेत्रीय लोगों का मंथन भी गहरा होता जा रहा है। शुक्रवार को अनित राजपूत के आवास पर क्षेत्रीय लोग जुटे। शुरू हो गया जनता की अपेक्षाओं व राजनेताओं की उपेक्षाओं को लेकर विचार-विमर्श।
अमरजीत सिंह जुनेजा ने कोतवाली मार्ग पर सीकेआई चौराहा क्षेत्र से नहर तक पथप्रकाश की कोई व्यवस्था न होने की बात कही। कई बार आवाज उठाने के बावजूद नेताओं ने जनसुविधा पर ध्यान नहीं दिया।
टीकम सिंह कहते हैं कि शेखपुरगढ़ू क्षेत्र में साहू जैन डिग्री कॉलेज है। यहां दिन भर छात्राओं की आवाजाही रहती है। छात्राएं मनचलों का शिकार होती रहती हैं। छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की स्थायी व्यवस्था आज तक नहीं की गई। कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए सब्जेक्ट और सीटों में दशकों बाद भी कोई परिवर्तन नहीं आया है। अनित राजपूत कहते हैं हाईवे किनारे नाले अवरुद्ध पड़े हैं। नेताओं को नालों और सड़कों की कोई सुध नहीं। नरेंद्र शर्मा ने रोजगार के संसाधन विकसित न होने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि बीते वर्षों में कोई नई औद्योगिक इकाई विकसित नहीं हुई, बल्कि रोजगार के साधन खत्म हो गए। हरदत्त सिंह का कहना है कि विकास से उपेक्षित क्षेत्र में विधायक निधि खर्च की जानी चाहिए।
शेखपुरगढ़ू और आसपास के विकसित क्षेत्र को सीधे शहर से जोड़ने के लिए आदर्शनगर के रेलवे मालगोदाम क्षेत्र में कई वर्षों से जारी फुट ओवरब्रिज की मांग को किसी भी नेता और पार्टी ने गंभीरता से नहीं लिया। मुकेश शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और विभिन्न दलों के नेताओं ने वादा किया था कि मेडिकल कॉलेज नजीबाबाद क्षेत्र से नहीं जाने दिया जाएगा, मगर सबकी घोषणाएं हवाई रहीं।