स्योहारा। खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपते अखिल भारतीय किसान सभा के पदाधिकारी फोटो स्रोत : स
स्योहारा। अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को नई शिक्षा नीति, एनटीए की कार्यप्रणाली और पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन बीडीओ अरुण कुमार को सौंपा। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि छात्र दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय दमनात्मक रवैया अपनाया जा रहा है। आरोप लगाया गया कि आंदोलन के दौरान बिना नेम प्लेट वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती, बिना नंबर वाले वाहनों का प्रयोग, बैरिकेडिंग में करंट तथा एक्सपायर आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया, जिसकी न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। किसान सभा ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उसे भंग किया जाए तथा नई शिक्षा नीति को समाप्त कर पूर्व शिक्षा नीति को बहाल किया जाए। इसके अलावा पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने, परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने और नीट पेपर लीक प्रकरण से जुड़े आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की गई। प्रदर्शन में तैयब अली, कामरेड जील खां, इंद्रकुमार शर्मा, इसरार अली, फरीद अहमद, मशकूर, आरिफ अली, मतलूब, हाजी गुरएन अहमद, मसरूर खां, अनवार अहमद, मुस्तकीम अहमद, शमीम, लईक अहमद, अब्दुल हमीद, वकील अहमद, कासिम अहमद सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।