फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौलानाओं से पूछताछ कर लखनऊ लौट गई एसआईटी

विज्ञापन
बिजनौर: मौलाना अनवारूल हक। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
मौलानाओं से पूछताछ कर लखनऊ लौट गई एसआईटी
विज्ञापन

बिजनौर। हिन्दू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या में नामजद दोनों मौलाना से लंबी पूछताछ करके एसआईटी लखनऊ लौट गई। टीम ने करीब 24 घंटे तक कई दौर में मौलानाओं से पूछताछ की। मौलानाओं से यह राज उगलवाने का प्रयास किया गया कि कमलेश तिवारी की हत्या में इनकी क्या भूमिका है। दोनों से हुई पूछताछ की जानकारी को टीम लखनऊ में वरिष्ठ अफसरों से साझा करने के बाद अग्रिम कार्रवाई करेगी। फिलहाल दोनों मौलाना को पुलिस ने सशर्त उनके घर भेज दिया है, जरूरत पड़ने पर पूछताछ के लिए बुलाने पर उन्हें दोबारा आना होगा।
कमलेश तिवारी की हत्या में नजीबाबाद के गांव किशनपुर आंवला निवासी बिजनौर की जामा मस्जिद के पूर्व इमाम मौलाना अनवारूल हक व किरतपुर क्षेत्र के गांव भनेड़ा निवासी नईम कासमी को नामजद किया गया है। दोनों ने कमलेश तिवारी का सिर कलम करने पर इनाम का एलान किया था। कमलेश तिवारी की हत्या के तार गुजरात के सूरत से जुड़े हैं। सूरत में मौलाना अनवारूल हक के दो भाई काम करते हैं। पुलिस ने दोनों मौलानाओं को हिरासत में लिया था, जिसके बाद शनिवार रात एसआईटी लखनऊ की पांच सदस्यीय टीम सीओ दीपक कुमार के नेतृत्व में बिजनौर पहुंची थी। दोनों मौलाना से पहले तो पुलिस लाइन और फिर देहात के एक थाने के अलावा एक अन्य स्थान पर ले जाकर पूछताछ की गई। टीम का फोकस अनवारूल हक पर ज्यादा रहा। टीम ने अनवारूल हक से गुजरात के सूरत का कनेक्शन सहित कई बिंदुओं पर पूछताछ की। कई साल का इनका रिकॉर्ड खंगाला। छोटे से बड़े हर तरह के विवाद के बारे में पूछताछ की। किन लोगों से किस वजह से इनके संबंध रहे, इस बारे में पूछताछ की। कमलेश तिवारी का सिर कलम करने के एलान के पीछे क्या मकसद था, यह भी जाना। इसके बाद टीम रविवार देर रात टीम लखनऊ रवाना हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसपी संजीव त्यागी ने बताया कि मौलाना अनवारूलहक और मुफ्ती नईम कासमी को इस शर्त के साथ घर भेज दिया है कि जरूरत पड़ने पर पूछताछ के लिए बुलाने पर दोबारा आना होगा। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी फिर बिजनौर आएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें