शाम ढलते ही कालागढ़ कालोनियों में आ रहे हाथी
बिजनौर, कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से अंधेरा होते ही हाथी निकलकर कालागढ़ की रामगंगा बांध परियोजना की नई कालोनी में आ रहे हैं। जिससे नागरिकों में दहशत का माहौल है।
नगर की सीमा से लगे कार्बेट टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क के वनों से रात होते ही रामगंगा बांध परियोजना की नई कालोनी में प्रवेश कर जाते हैं। हाथी नूनगढ़ मंदिर के रास्ते से हाइड्रिल कालोनी से मस्जिद को जाने वाले रास्ते से होकर सीमा से लगे गन्ने के खेतों में प्रवेश कर जाता है। दूसरी ओर एक हाथी सूखास्रोत से मनोरजंन क्लब के सामने से होकर मार्निंग बैल्स चिल्ड्रेन अकादमी के निकट से खेतों मे चला जाता है। भोर में ये हाथी इन्हीं रास्ते से वनों में चले जाते हैं। हाथियों के आबादी में आने से लोगों को सुरक्षा को लेकर भय है। रात में स्ट्रीट लाईटों के न जलने से सड़कों पर अंधेरा रहता है। ऐसे में सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को खतरा है। नागरिकों पंकज कुमार, पीयूष कुमार, सरजीत सिंह का कहना है कि वन विभाग को इन हाथियों को वनों में ही रोकने के लिए गश्त करनी चाहिए। वहीं कालोनियों में स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए।
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हाथियों से दूरी बनाए रखें
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि हाथी एक विशालकाय जीव है। उसे रोकने के लिए गश्ती दल प्रयास कर रहे हैं। वह गन्ने का शौकीन हैं ऐसे में वह खेतों की ओर चला जाता है। उसे रोकने के निर्देश गश्ती दलों को दिए गए हैं। आम नागरिकों को इन जीवों से दूरी बनाए रखना ही उचित होगा।