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Bijnor News: हत्या के दोषी जीतू और गौरव को आजीवन कारावास

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बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट लोकेश नागर ने संतराम की हत्या में गौरव और जीतू उर्फ जितेंद्र को दोषी पाया है। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो लाख दस हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश चौहान ने बताया कि थाना स्योहारा में गांव हामानंगली निवासी जयप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि वह देहरादून में रहकर मेहनत मजदूरी करता है और उसके पिता संतराम गांव में अकेले रहते थे। 23 जनवरी की रात करीब 3:30 बजे उसकी भाभी सुदेश ने फोन किया कि पापा खत्म हो गए हैं। वह देहरादून से बच्चों को लेकर 24 जनवरी की सुबह 7 बजे अपने गांव हामानंगली पहुंचा तो उसके पिता संतराम की लाश घर पर मिली। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच शुरू की।
पुलिस की विवेचना में जीतू उर्फ जितेंद्र और गौरव तथा सुदेश पत्नी स्वर्गीय मुकेश निवासीगण हामानंगली के नाम प्रकाश में आए। जांच में सामने आया था कि जीतू के संतराम की पुत्रवधु सुदेश से संबंध थे। इसका पता लगने पर जीतू और गौरव ने रस्सी से गलाघोंट कर संतराम की हत्या कर दी थी। इनके पास से ही संतराम का मोबाइल भी बरामद किया गया था। पुलिस ने जीतू उर्फ जितेंद्र, गौरव और सुदेश के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत अभियोजन पक्ष और पुलिस ने भी अदालत में केस की मजबूती के साथ पैरवी की। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में महिला सुदेश को दोषमुक्त कर दिया जबकि जीतू और गौरव को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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