भवन निर्माण की देरी में अटकी आईटीआई
बिजनौर। मुजफ्फरनगर के सदर विधायक कपिल देव अग्रवाल योगी सरकार में दोबारा व्यावसायिक एवं कौशल विकास मंत्री की बागडोर संभाली है। लोगों को पड़ोसी जिला का मंत्री बनने से अधूरे आईटीआई भवन का निर्माण जल्द पूरे होने तथा रोजगार के अधिक अवसर मुहैया होने की आस है।
कपिल देव अग्रवाल पहले भी योगी सरकार में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार थे। कपिल देव जिले के प्रभारी मंत्री थे। उनके कार्यकाल में हल्दौर ब्लॉक व जलीलपुर ब्लॉक में राजकीय आईटीआई खोलने को मंजूरी मिली। दोनों ब्लॉक में आईटीआई का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन सालों बाद भी भवन निर्माण पूरा नहीं हुआ है। अब दोबारा व्यावसायिक एवं कौशल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपे जाने से अधूरे भवन निर्माण कार्य जल्द पूरा होने तथा प्रशिक्षण शुरू होने की आस बंधी है। शिक्षाविदों का कहना है कि बदलती तकनीकी परिदृश्य में आईटीआई में जरुरतों के अनुसार नई ट्रेड खुलनी चाहिए, जिससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
पाठ्यक्रम में बदलाव हो
जिले में पांच राजकीय तथा 16 निजी आईटीआई संचालित हैं। युवाओं की दाखिले की पहली प्राथमिकता राजकीय आईटीआई होते हैं। इस बारे में युवाओं रमेश, अनुज सर्वेश आदि का तर्क है कि राजकीय आईटीआई में फीस कम है तथा प्रयोगशाला आदि टेक्नोलॉजी से अपडेट इंफ्रास्ट्रक्चर होता है, परंतु युवा वर्ग इस बात को लेकर दुखी हैं कि राजकीय आईटीआई में अरसे से घिसी पिटे पाठ्यक्रम संचालित हैं। बदलती परिस्थितियों के अनुसार नई ट्रेड नहीं खुली है। प्रशिक्षक भी पर्याप्त नहीं है।
10 साल में पूरा नहीं हुआ निर्माण
जिले के तीन ब्लॉक में आईटीआई बन रहे हैं। अफजलगढ़ ब्लॉक के ग्राम कल्लू वाला में आईटीआई का निर्माण सपा शासन में शुरू हुआ था। करीब 10 साल में भी आईटीआई के लिए भवन निर्माण पूरा नहीं हुआ है। राजकीय आईटीआई बिजनौर के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिन विद्यार्थियों को राजकीय आईटीआई कल्लू वाला आवंटित होता है उनके दाखिले राजकीय आईटीआई बिजनौर में होते हैं। दूसरा आईटीआई हल्दौर ब्लॉक के गांव शेरपुर कल्याण में बन रहा है। उसका निर्माण करीब एक साल से शुरू हैं, लेकिन कछुआ चाल से चल रहा है। तीसरा आईटीआई जलीलपुर ब्लॉक में बन रहा है। सालों बाद भी निर्माण अधूरा है।