शिक्षित होने पर ही अपनी बात को निर्भीकता से रखना संभव
धामपुर। एसबीडी महिला महाविद्यालय में मिशन शक्ति व रासेयो इकाई द्वारा पोक्सो एक्ट व एक शिक्षित बालिका सशक्त नारी बन सकती है, शीर्षक पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि धामपुर बार ऐसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट गजेंद्र सिंह ने पोक्सो एक्ट के बारे में बताया।
कालेज में संपन्न हुई गोष्ठी में गजेंद्र सिंह ने कहा कि पोक्सो एक्ट कोर्ट का पीठासीन न्यायाधीश, सत्र न्यायाधीश होता है। जिसे हाईकोर्ट द्वारा पोक्सो अधिनियम के मुकदमों के सुनवाई का अधिकार दिया गया है। इस मौके पर छात्राओं ने कई प्रश्न पूछे। स्वयंसेविका आरजू प्रजापति ने प्रश्न किया कि हम निर्भय हो कर अपनी बात कैसे कह सकते हैं। अर्चना ने एक शिक्षित बालिका सशक्त नारी बन सकती है विषय पर प्रकाश डाला। कहा कि छात्राएं निर्भय होकर अपनी बात तभी कह सकती हैं। जब वह स्वयं शिक्षित होंगी। छात्रा निशा ने ‘बेटी हिंदुस्तान की गीत पेश कर सशक्त नारी का उदाहरण दिया। कार्यक्रम में वंशिका विश्नोई, राफिया, कंचन, प्रिया, मुशरा, साफिया, तनु, प्रेरणा आदि की भागीदारी रही। प्राचार्या पूनम चौहान ने कहा कि एक बालिका अपने परिवार, पास पड़ोस और समाज का प्रतिनिधित्व तभी कर सकती है जब वह शिक्षित होगी।
कार्यक्रम संयोजन अर्चना और रासेयो की दोनों इकाइयों की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रेनू चौहान व डॉ. कनक चौहान द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. ललिता शर्मा, डॉ. पायल शर्मा, डॉ. अदिति सिंधु, मुकेश सिंह, संजू, संदीप सिंह, चंद्रभान सिंह, लोकेंद्र, सारिका शर्मा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष पुष्प अर्पित, दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।