कैदी के जहर खाने की जांच जेलर को सौंपी
बिजनौर। जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह ने कैदी डा. विवेक गुप्ता के जहर खाने के मामले की जांच जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी हैं। हालांकि कैदी की हालत में सुधार है।
नगीना निवासी चिकित्सक विवेक गुप्ता ने वर्ष 2011 में अपने कंपाउंडर के साथ मिलकर एक महिला व उसके बच्चे की हत्या की थी। 2013 में कोर्ट ने विवेक गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वह बिजनौर जेल में सजा काट रहे है। बुधवार को डा. गुप्ता ने बैरक में जहर खा लिया। उन्हें जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया। जेल के अधिकारी कैदी की इस हरकत को नाटक बता रहे हैं। जेल के कामकाज से कैदी को हटाया गया था। वह फिर वहां जाना चाहते हैं। दबाव बनाने के लिए जहर खाने का नाटक किया। कैदी की हालत में सुधार हैं। कैदी ने डिप्टी जेलर पर चाय में जहर दिलाने का आरोप लगाया। जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह ने इस मामले की जांच जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी है।