बिजनौर। एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में भारत बंद का जिला मुख्यालय पर कोई असर देखने को नहीं मिला। एक्ट के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वर्धमान कॉलेज में सामान्य और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों ने प्रदर्शन करते हुए कॉलेज गेट पर तालाबंदी कर दी। अनेक संगठनों ने एससी/एसटी एक्ट के विरोध में प्रदर्शन करते हुए इसे काला कानून बताकर पुतला फूंका।
बृहस्पतिवार को भारतीय जन अधिकार मोर्चा ने प्रदर्शन करते हुए नगर पालिका चौक पर एससी/एसटी एक्ट का पुतला फूंका। विनीत शर्मा ने कहा कि देश के कुछ लोग राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते जातिगत कानून लाकर देश को बांटना चाहते हैं। जिस देश में शिक्षा, नौकरी और प्रमोशन जाति के आधार पर मिले और एक वर्ग की शिकायत पर बिना जांच के गिरफ्तारी हो तो देश की जनता कैसे एक रह सकती है। पुतला फूंकने के बाद सड़क के बीच में कुछ देर तक बैठकर धरना भी दिया गया। इस दौरान शूरवीर सिंह, विनीत राजपूत, विजय गौड़, ललित शर्मा, अशोक आचार्य, शूरवीर सिंह, संजय शर्मा, सुशील अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
वर्धमान कॉलेज में सामान्य और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों ने दोपहर में नारेबाजी करते हुए कॉलेज गेट पर तालाबंदी की। विद्यार्थियों ने करीब 20 मिनट तक कॉलेज का मुख्य गेट बंद रखा। विद्यार्थियों ने कहा कि एससी/एसटी एक्ट देश के लिए काला कानून है। कहा कि आरक्षण आर्थिक आधार पर मिलना चाहिए। दलित समाज के जिन परिवारों में किसी की सरकारी नौकरी लग चुकी हो, उसे आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। इस दौरान रितिक त्यागी, विनय चौधरी, विनीत कुमार, अभिषेक चौधरी, रचित सिंह, लवी राणा, सौरभ चौधरी, प्रिंस चौधरी, रक्षक चौधरी, शानू चौधरी आदि मौजूद रहे।
‘आर्थिक आधार पर दिया जाए आरक्षण’
पूर्व सैनिक कल्याण समिति बिजनौर के सदस्यों ने एससी/एसटी एक्ट के विरोध में कलक्ट्रेट में धरना दिया। एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़ को दिए ज्ञापन में बताया कि इस एक्ट से स्वर्ण समाज में भय व्याप्त हो गया है। व्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन हो रहा है और जनमानस के बीच आपसी भाईचारा कम हो रहा है। एससी/एसटी एक्ट के उपखंड 18ए को निरस्त करने की मांग की गई। धरने की अध्यक्षता कर्नल हर्ष निधि और संचालन सूबेदार मेजर अरविंद कुमार ने किया। इस दौरान संस्था संरक्षक मीना बख्शी, कैप्टन शिवनाथ सिंह, ओमप्रकाश सिंह, नरेश चंद्र, ओमप्रकाश गुप्ता, सार्जेेंट सुरेंद्र सिंह, वीआर शर्मा, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देते हुए बताया कि एससी/एसटी एक्ट में तहरीर पर आरोपी की सीधे गिरफ्तारी की संगठन निंदा करता है। ऐसे मामलों में जांच के बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए। वोटों के फेर में केंद्र सरकार एक ही वर्ग को खुश करने की कोशिश कर रही है। ब्राह्मण महासभा ने आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने की मांग की। इस दौरान जिलाध्यक्ष संजय शर्मा, डा. सत्येंद्र शर्मा अंगिरस, दीपक, सुरेश गौड़, भूपेेंद्र शर्मा, उमाकांत शर्मा आदि मौजूद रहे। नगर ब्राह्मण महासभा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देते हुए एससी/एसटी और आरक्षण नीति में संशोधन की मांग की। इस दौरान अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, पवन शर्मा, कृष्ण शर्मा, सुनील भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
अधिवक्ता भी उतरे एससी/एसटी एक्ट के विरोध में
बिजनौर/नगीना। एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की जजी में हुई बैठक में एससी/एसटी एक्ट में केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन के विरोध में भारत बंद का समर्थन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जिले की पुलिस सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के बाद भी एफआईआर को इंटरनेट पर डाउनलोड नहीं कर रही है। अध्यक्षता हरेंद्र सिंह, संचालन सुशील चौहान ने किया। बलकरन सिंह, संजीव भटनागर, मोहित राठी, विकास यादव, शहजाद अली, इमरान, शमशाद, मोहम्मद नजमी, विजय भटनागर आदि मौजूद रहे।
नगीना में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर एससी/एसटी एक्ट में किए गए संसोधन को अविलंब वापस लिए जाने की मांग की। बार एसोसिएशन के महामंत्री मुख्तार अहमद एडवोकेट के नेतृत्व में स्वर्ण अधिवक्ताओं द्वारा बृहस्पतिवार को एसडीएम डॉ. गजेंद्र सिंह को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि दलित वर्ग कि सुरक्षा हेतु कांग्रेस सरकार द्वारा एससी/एसटी एक्ट पारित किया गया था। लेकिन उक्त एक्ट का अधिकतर दुरुपयोग किया गया। इस संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एक मामले में यह टिप्पणी की थी एससी/एसटी एक्ट में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने पर मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक स्तर का अधिकारी करेगा और जांच से पूर्व मामले में गिरफ्तारी नहीं होगी। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय को बदलने के लिए केंद्र सरकार ने एससी/एसटी एक्ट में संशोधन कर दिया। जिससे भारत वर्ष के स्वर्ण समाज में आक्रोश है। बार एसोसिएशन नगीना के स्वर्ण, मुस्लिम, जाट और अन्य अधिवक्ता इस संशोधन का विरोध करते हैं। ज्ञापन में राष्ट्रपति से भाजपा नीत भारत सरकार द्वारा एससी/एसटी एक्ट में किए गए संशोधन को अविलंब वापस लिए जाने की मांग की गई है। इस दौरान नरेंद्र चौहान एडवोकेट, नीतीश अग्रवाल, प्रेम शर्मा, राहुल कुमार, प्रेमराज, नागेश कुमार, अनिल राणा, अनूप कुमार, नईम अहमद, अभिषेक मिश्रा, हरिराज, शरद विश्नोई आदि मौजूद रहे।