बढ़ती लालसा दुख की वजह : सौरभ महाराज
नजीबाबाद। जैन मुनि श्री 108 सौरभ सागर महाराज ने कहा कि सांसारिक जीव में बढ़ती आकांक्षाएं ही दुखों का कारण है। आकांक्षाओं को वश में रखकर दुखों से छुटकारा पाया जा सकता है। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर जैन धर्म के संदेश आम जनता तक पहुंचाए।
मूर्ति देवी कन्या इंटर कालेज में श्री दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सौरभ सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य को आवश्यकता व आकांक्षाओं में अंतर समझना होगा। आवश्यकता तो फकीर की भी पूरी हो जाती है, लेकिन आकांक्षा राजा की भी पूरी नहीं होती। सांसारिक जीव अपने भीतर की बढ़ती आकांक्षा को वश में रख दुखों से छुटकारा पा सकता है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांत सत्य, अहिंसा, अचौर्य को आचरण में लाना होगा।
एसडीएम संगीता ने कहा कि साधु संतों के आशीर्वाद से समाज को नई दिशा मिलती है। उन्होंने साधु संतों के प्रवचनों आत्मसात करने की सलाह दी। विनीता आर्य के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने मनमोह सांस्कृतिक की प्रस्तुत से समा बांध दिया। श्री दिगंबर जैन मंदिर के प्रधान दीपक जैन, मंत्री नीरज जैन, दीपक जैन, शीतल प्रसाद जैन, जितेंद्र जैन अजय जैन, संजय जैन, आशीष जैन, कविता जैन, राजीव जैन, जिनेश्वर दास जैन, पारसनाथ जैन, संतोष जैन, छवि जैन, वंदना जैन, कुमकुम जैन, सिद्धार्थ जैन, रश्मि जैन ने जैन मुनि का स्वागत किया। इस अवसर पर पुनीत जैन, ज्ञानचंद जैन, संदीप जैन, नीरज जैन, अनूप जैन, विनोद जैन, मनोज जैन, अमित जैन होरी, सुमित जैन, अवधेश जैन, सुषमा जैन, साधना जैन, सुषमा जैन, मनीष जैन, अरनव जैन, आदि मौजूद रहे।