बिगड़े खानपान से बढ़ रहा थायराइड का खतरा
बिजनौर। बिगड़ी दिनचर्या और खानपान से थायराइड के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। विश्व थायराइड दिवस के मौके पर आज जहां इस बीमारी के कारणों पर चर्चा हो रही है, वहीं इसकी जांच व इलाज की बात करें तो सरकारी व्यवस्था इसे लेकर कमजोर नजर आ रही है। जिला अस्पताल की बात करें तो यहां थायराइड की दवा तो है, लेकिन जांच नहीं। जिला अस्पताल में दवाई तो मिल जाएगी, मगर जांच बाहर करानी पड़ेगी। अस्पताल में कई तरह की जांच की जाती है, लेकिन थायराइड जैसी बीमारी की जांच जिला अस्पताल में नहीं की जाती है, उन्हें बाहर से कराने को कह दिया जाता है।
जिले में थायराइड के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल में रोजाना चार से पांच मरीज थायराइड के आ रहे हैं। अस्पताल में दवाइयां तो हैं, लेकिन जांच नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार खानपान में बदलाव होना ही थायरॉइड का सबसे बड़ा कारण है। जैसे-जैसे व्यक्ति की जीवनशैली में बदलाव हो रहा है, बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। साथ ही तनाव भी थायराइड का एक कारण है। ज्यादा तनाव होने की वजह से शरीर के हार्मोन में बदलाव होता है और थायराइड जैसी समस्या हो जाती है। जिले में ज्यादातर मरीजों को हाइपोथायराइडिज्म है। इसमें मरीजों को वजन लगातार बढ़ता है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में थायराइड की समस्या ज्यादा सामने आ रही है।
थाइयोराइड प्रोफाइल जांच से होती है जांच
जिले में ज्यादातर में हाइपोथॉयराइडिज्म के मरीज ज्यादा है। इसमें थायराइड से ग्रसित मरीज का वजन बढ़ता है। मरीज को कौन सा थायराइड है, इसकी जानकारी थाइयोराइड प्रोफाइल जांच से मिलती है। लेकिन जिला अस्पताल में थायराइड की जांच नहीं होती है।
थायराइड के लक्षण
वजन अधिक होना या कम होना
घबराहट होना
थकान होना
सांस फूलना
कम नींद आना
अधिक प्यास लगना
बालों का झड़ना
त्वचा का रूखा होना
थायराइड से बचाव
आयोडीन सही मात्रा में लें
आयोडीन युक्त नमक ही खाएं
मछली का सेवन करें
योग करें
थायराइड से बचने के लिए बदलें खानपान : डॉ. आरएस वर्मा
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि थायराइड अब आम होता जा रहा है। इसका मुख्य कारण बिगड़ी दिनचर्या और खानपान है। खाने में हो रहे बदलाव की वजह से लोगों में थायराइड की समस्या बढ़ती जा रही है। अगर खानपान को सुधार लिया तो थायराइड से काफी हद तक बचा जा सकता है।