प्री-बोर्ड परीक्षा से पहले अधूरे कोर्स होंगे पूरे
बिजनौर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की प्री-बोर्ड परीक्षा इसी माह है। कोरोना जैसी विषय परिस्थितियों से निपटने के लिए प्री-बोर्ड परीक्षा महत्वपूर्ण है। इसलिए डीआईओएस दफ्तर ने चुनावी गतिविधियों के साथ ही प्री-बोर्ड परीक्षा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कोरोना के कारण शिक्षण संस्थाएं जनवरी से बंद हैं। शासन ने स्कूल पठन-पाठन के लिए खोलने के लिए अभिभावकों से सुझाव मांगे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शिक्षण संस्थाओं को खोलने के संकेत दिए हैं। इसके बाद डीआईओएस कार्यालय प्री-बोर्ड परीक्षा को लेकर सक्रिय हो गया है। जिले में यूपी बोर्ड के 387 विद्यालय है। 50 हजार से अधिक विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं। विद्यार्थियों के लिए प्री-बोर्ड परीक्षा खास मायने रखती है।
कोरोना के कारण यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की वर्ष 2021 की परीक्षा नहीं हुई थी। शासन ने कक्षा नौ व 11 की वार्षिक परीक्षा, कक्षा 10 व 12 की अर्द्धवार्षिक परीक्षा तथा प्री-बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांक पर तय फार्मूला से अंकों का आवंटन किया था। आरोप है कि बोर्ड को उस समय विद्यालयों से अंक इकट्ठा करने में परेशानी का सामना करना पड़ा था। शासन प्री-बोर्ड परीक्षा को लेकर गंभीर है।
शासन ने इस बार अर्द्ध वार्षिक, प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए समयबद्ध कार्यक्रम तय है। प्रशासन ने स्कूल खोलने के संकेत मिलने के बाद विधानसभा चुनाव के साथ ही प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है।
अधूरे कोर्स प्राथमिकता से पूरे होंगे
विद्यालयों में विद्यार्थियों के विभिन्न विषय के कोर्स पूरा नहीं होने की लगातार शिकायत मिल रही है। डीआईओएस राजेश कुमार ने शिकायतों को गंभीरता से लिया है। बताया कि शैक्षिक कलेंडर के अनुसार प्री-बोर्ड परीक्षा फरवरी के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित है। यदि किसी विद्यालय में किसी विषय के कोर्स पूरा नहीं हुआ है तो प्रधानाचार्य पहले कोर्स पूरा कराएंगे। साथ ही प्रेक्टिकल लैब में सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कराए जाएंगे। इसके लिए समयबद्ध टाइम टेबल बनेगा।
कम नंबरों का मामला बोर्ड तक पहुंचा था
विद्यार्थियों को प्री-बोर्ड परीक्षा को लेकर सजग रहने की जरूरत है। कोरोना जैसी विषय परिस्थितियों में प्री-बोर्ड परीक्षा महत्वपूर्ण होता है। पास होने से लेकर मेरिट में आने के लिए एक-एक नंबर कीमती है। वर्ष 2021 की परीक्षा में अनेक विद्यालयों ने नंबर कम होने या गलत होने की शिकायत की थी। मामला बोर्ड तक पहुंचा था। विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होने के साथ हर विषय में अंकों की प्राप्ति सुनिश्चित कर लें।