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Bijnor News: अधूरे बिलों से ग्राम पंचायतों में हो गया लाखों रुपये का भुगतान

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रजनीश त्यागी
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बिजनौर। ग्राम पंचायतों द्वारा बिलों के भुगतान में अधूरे बिल ही अपलोड कर दिए गए हैं। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की पड़ताल में इसकी हकीकत सामने आई। गौंसपुर ग्राम पंचायत में जहां बिना तारीख वाले बिलों पर ही भुगतान हो गया वहीं अल्हैपुर ग्राम पंचायत में सीसी रोड का करीब पौने तीन लाख रुपये का भुगतान कंप्यूटर पर स्टीमेट बनाकर कर दिया गया। इसके अलावा कुछ मामलों में हाथ से कोरे कागज पर काम और रकम लिखकर भी भुगतान कर दिया गया।
अफजलगढ़ क्षेत्र की अल्हैपुर ग्राम पंचायत में नवंबर माह में मेनरोड से उदय के घर तक इंटरलॉकिंग का कार्य दिखाया गया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर जब इस काम की पड़ताल की तो तीन से चार हिस्सों में इसका भुगतान दर्शाया गया। इसमें 48 हजार, 65 हजार रुपये समेत चार बार भुगतान हुआ। बिल देखा गया तो कंप्यूटर कॉपी इसके नाम पर अपलोड की गई। यह बिल किस फर्म का है, कौन सी तारीख में यह बिल बना और जीएसटी नंबर क्या है, इस पर कुछ भी जानकारी अंकित नहीं थी। केवल ऊपर की ओर कार्य का नाम और नीचे काम की कोस्ट लिखकर खानापूर्ति कर दी गई।
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इसके अलावा गोशाला ट्रांसफर के नाम पर अक्तूबर 2025 में 14 हजार रुपये का भुगतान किया गया। इस कार्य के बिल को ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर देखा गया तो पता चला कि कोरे कागज पर हाथ से कार्य और खर्च लिखकर इसका भुगतान कर दिया गया।
इसके अलावा हल्दौर की चंदनपुरा ग्राम पंचायत के कार्यों को जब इस पोर्टल पर देखा गया तो अगस्त 2025 में मिट्टी भराव के कार्य पर 26 हजार रुपये खर्च दिखाए गए। इसमें अतुल कुमार कांट्रेक्टर के नाम से बिल अपलोड किया गया। इसमें बिल में तारीख तो गायब थी, लेकिन वाहन नंबर के आगे तारीख लिख दी गई। किस वाहन से भराव हुआ, यह बिल में जिक्र तक नहीं किया गया।

सीसी रोड से लेकर हैंडपंप रिबोर तक एक ही फर्म के बिल
मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के ग्राम पंचायत इस्लामपुर दास में काम किसी भी तरीके का हो, बिल एक ही फर्म के नाम से काटने का मामला सामने आया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर पड़ताल में सामने आया कि दिसंबर 2025 में सीसी रोड के लिए करीब पौने चार लाख रुपये का भुगतान हुआ। इसके अलावा करीब 52 हजार रुपये में एक हैंडपंप रिबोर हुआ। दोनों कार्यों के बिल एक ही फर्म के लगे हुए थे। यही नहीं इन बिलों को हाथ से बनाकर हस्ताक्षर कर दिए गए और फर्म की मुहर तक इन पर दिखाई नहीं दी। ऐसे में यह बिल कितने सही, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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जांच कराई जाएगी: डीपीआरओ
डीपीआरओ डॉ.प्रीतम सिंह ने बताया कि इन मामलों की जांच कराई जाएगी। पहले कुछ जगह गड़बड़ी मिली थी तो वहां कार्रवाई की गई थी। इन पंचायतों के रिकॉर्ड तलब किए जाएंगे।
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