बिजनौर। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान समेत कई मांगों को लेकर भाकियू ने प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट में धरना दिया। चेतावनी दी कि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
मंगलवार को किसान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक गन्ना समिति में इकट्ठा हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।
किसान सुबह 11.15 बजे से सायं पौने चार बजे तक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व रमेशचंद, डीसीओ ओपी सिंह के साथ किसानों की वार्ता हुई।
जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह ने अनुसार यूनियन ने गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल देने, करीब 102 करोड़ बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने, सामान्य प्रजाति के गन्ने की पर्चियां जारी करने, जिन सेंटरों पर तौल शुरू नहीं हुई है, वहां तुरंत तौल शुरू कराने आदि मांगें अधिकारियों के सामने रखी।
जिलाध्यक्ष के अनुसार बकाया गन्ना मूल्य भुगतान 30 दिसंबर तक करने, 94212 प्रजाति का गन्ना सामान्य प्रजाति में तौलने, बंद सेंटरों पर बुधवार से इंडेंट जारी कराने, बिजनौर मिल के जो सेंटर बिलाई मिल को दिए गए थे, उन पर गन्ना आयुक्त के अगले आदेशों तक तौल जारी रखने पर सहमति बनी है।
मौके पर प्रांतीय उपाध्यक्ष रामकुमार धनकड़, ओमपाल सिंह, बलराम सिंह, पीतांबर सिंह, घनेंद्र सिंह मौजूद रहे।
केंद्रों पर गन्ना किया जा रहा रिजेक्ट
खरीद केंद्रों पर गन्ने को रिजेक्ट प्रजाति का बताकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। मंगलवार को किसान इस बारे में डीसीओ से मिले।
ग्राम उलेढ़ा में बिलाई तथा स्योहारा शुगर मिल के सेंटर संचालित हैं। गांव के नरेंद्र, राजेश आदि किसान डीसीओ से मिले और आरोप लगाया कि बिलाई मिल के सेंटर पर 7717 प्रजाति अर्थात कैच रसगुल्ले गन्ने को रिजेक्ट प्रजाति का बताकर नहीं खरीदा जा रहा है।
सीडीओ ने बताया कि 7717,कोजी 8588,एचआर 160 और 167 प्रजातियां शासन से स्वीकृत प्रजातियां नहीं हैं। किसानों के अनुसार 7717 प्रजाति का बीज बिलाई मिल द्वारा दिया गया था। किसानों को इसकी वैरायटी का पता नहीं है। कुछ दिन तक इसे अर्ली में खरीदा गया।
किसानों ने शिकायत की कि इसी गांव में स्योहारा मिल के सेंटर पर मात्र 300 क्विंटल का इंडेंट भेजा जा रहा है। किसानों ने इसे बढ़ाने की मांग की।