धामपुर। गेहूं की आधारीय और प्रमाणित उन्नतशील प्रजातियां किसानों को मालामाल करेंगी। कृषि विभाग की ओर से धामपुर के कृषि बीज भंडार पर करीब 400 क्विंटल गेहूं के बीज की आपूर्ति की गई है। किसानों को गेहूं की अधिक से अधिक बुवाई कराने के लिए 40-50 प्रतिशत के अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। बीज खरीदने के लिए सरकारी गोदाम पर किसानों की भीड़ लगी रही। तहसील क्षेत्र में किसानों की ओर से गन्ने की फसल को नकदी फसल के रूप में उगाया जाता है।धामपुर चीनी मिल का पेराई सत्र सात नवंबर से शुरू हो गया है। जैसे ही पेड़ी गन्ने की आपूर्ति के बाद खेत खाली हो रहे हैं। तो किसानों ने खाली खेतों को तैयार कर गेहूं की फसल की बुवाई शुरू कर दी है।
इन उन्नतशील प्रजातियों का बीज उपलब्ध
सरकारी बीज भंडार के इंचार्ज सोमपाल सिंह ने बताया कि अगेती प्रजाति के बीजों में डीबीडब्लू- 303, 327, 187 व पीबीडब्लू 505 है। मध्य प्रजातियों में पीबीडब्लू वन-जेड और पछेती प्रजातियों में डीबीडब्ल्यू -3298 उपलब्ध है।
ऐसे करें बुआई
सहायक विकास अधिकारी कृषि रक्षा दीपक कुमार का कहना है कि बुआई से पहले किसानों को 50 से 60 क्विंटल गोबर की खाद को डालकर गहरी जुताई कर खेत को तैयार करना चाहिए। बीज बोते समय ट्राइकोडर्मा या कल्चर का प्रयोग जरूर करें। ऐसा करने से बीज का सही समय पर शत प्रतिशत अंकुरण होता है। दाना स्वस्थ होता है। बीमारी नहीं लगती। उत्पादन भी बढ़िया होता है। मशीन से बुवाई करने पर प्रति बीघा आठ किलोग्राम और खुले खेत में बिखेर करने पर 10 से 12 किलोग्राम गेहूं और इतना ही एनपीके खाद का प्रयोग जरूर करना चाहिए।
अगेती प्रजाति की बुआई का चल रहा उपयुक्त समय
कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि 15 नवंबर तक अगेती गेहूं की प्रजाति की बुवाई का उपयुक्त समय चल रहा है। 15 नवंबर से 10 दिसंबर तक मध्यम और इसके बाद पछेती गेहूं की बुवाई होगी। कृषि विभाग की ओर से आधारीय गेहूं के बीज की कीमत 4595 रुपये प्रति क्विंटल और प्रमाणित बीज की कीमत 4395 प्रति क्विंटल है।