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समाज के विकास में शिक्षा का अहम योगदान : सिद्धार्थ सिंह

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समाज के विकास में शिक्षा का अहम योगदान : सिद्धार्थ सिंह
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बिजनौर। जाट सभ्यता एवं संस्कृति सम्मेलन में गुरुग्राम से आए कमिश्नर सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि मानव समाज के विकास में शिक्षा का बड़ा महत्व है। उन्होंने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में परंपरागत खेती के साथ नई वैज्ञानिक तकनीकी का प्रयोग करने का आह्वान किया।
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रविवार को काकरान वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कमिश्नर सिद्धार्थ सिंह ने छात्र-छात्राओं से विज्ञान, प्रौद्योगिकी विषयों के साथ सामाजिक विज्ञान, इतिहास एवं हिंदी का भी अध्ययन करने, दिनचर्या में नियमित व्यायाम करने और पर्यावरण के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। इस मौके पर जम्मू के पूर्व मेयर मनमोहन चौधरी ने जाट इतिहास की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डाला। कहा कि देशभक्ति, त्याग और बलिदान में जाट समाज की विशेष पहचान है। देश की सीमाओं से लेकर खेत खलिहान तक जाट समाज की उपलब्धि इतिहास के पन्नों में दर्ज है। थल सेना से सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर पवन सौत्रा ने जाट रेजिमेंट के इतिहास के बारे में बताया और कहा कि जाट रेजिमेंट का इतिहास भारतीय सेना का गौरवशाली अध्याय है। सेवानिवृत्त आईएएस वीके पंवार ने सामाजिक भाईचारे को बढ़ावा देने और अपनी संस्कृति के अच्छे जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। सेवानिवृत्त आईएएस एसके वर्मा ने गांव, खेती, किसान और देश की समृद्धिशाली सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए युवा वर्ग से नैतिक मूल्य अपनाने पर जोर दिया। इस मौके पर सीवीओ डॉ. भूपेंद्र सिंह ने समाज के बच्चों की शिक्षा और किसानों के उत्थान पर विचार रखे। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ परिजात के पौधे में जल सिंचित कर किया। कार्यक्रम में पूर्व सैनिक, सेवानिवृत्त कर्मचारी, मेधावी छात्र-छात्राओं व खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस आरए सिंह की अध्यक्षता एवं सुरेश आर्य के संचालन में हुए कार्यक्रम में बीआईटी के चेयरमैन डॉ. अनिल सिंह, डॉ. प्रमोद देशवाल, सीताराम राणा, मेयर ऊषा चौधरी, पूर्व कुलपति डॉ. आरपी सिंह, पूर्व अपर आयुक्त अशोक कुमार, मास्टर निपेंद्र काकरान, कपिल चौधरी आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
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