मेरठ। आधुनिक रहें, समय के साथ कदमताल करें मगर जितना संभव हो सके दिनचर्या और खानपान पुराना रखें। अगर बीमार हो जाएं तो तुरंत इलाज कराएं, देर न करें, बीमारी को बढ़ाएं नहीं। आधुनिक तकनीक आ गई हैं। गंभीर बीमारियों को इलाज मुमकिन है। यही मंत्र है स्वस्थ रहने का। यह कहना था रविवार को इंडियन सोसायटी ऑफ कि्रटिकल केयर मेडिसिन (आईएससीसीएम) की गढ़ रोड स्थित एक होटल में हुई वार्षिक कार्यशाला में आए विशेषज्ञ चिकित्सकों का।
मुख्य अतिथि आईएससीसीएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित डॉ. रणवीर त्यागी ने कहा कि डॉक्टरों को आईसीयू में इलाज की नई-नई तकनीक सीखनी चाहिए। स्टाफ को सिखाना चाहिए ताकि मरीजों को और बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि अब ऊपर से ब्लड प्रेशर नापने की जरूरत नहीं है। कैनुला डालकर रक्त से सीधे ब्लड प्रेशर नापा जा सकता है। सटीक रीडिंग से मरीज को बेहतर इलाज मिल सकता है। इसी तरह अब हर बीमारी के इलाज में अत्याधुनिक मशीनें आ गई हैं। उनका इस्तेमाल करना सीखें और मरीजों को बेहतर इलाज दें। जांच कराकर मर्ज की जड़ तक पहुंचे और फिर इलाज शुरू करें। इस दौरान डॉ. संदीप जैन, डॉ. वीएन त्यागी, डॉ. वाईपी सिंह, डॉ. आशीष अग्रवाल, डॉ. वीरोत्तम तोमर, डॉ. अमित अग्रवाल और डॉ. अपार अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
दौरा हो तो मरीज को बाईं करवट लिटाएं
आमजन को चाहिए कि अगर दौरा हो या बेहोशी छाए तो मरीज को तुरंत बाईं करवट लिटाएं। जितना जल्दी हो सके, उसे अस्पताल पहुंचाएं। इसी तरह एक्सीडेंट का मामला हो या ब्रेन ट्यूमर का। जितनी जल्दी विशेषज्ञ डॉक्टर तक ले जाएंगे उतना मरीज के लिए बेहतर रहेगा और डॉक्टर पर भरोसा करना होगा।
- डॉ. अमिताभ गोयल, न्यूरो एंड स्पाइनल सर्जन, दिल्ली
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शारीरिक श्रम न करने के कारण दिल हो रहा बीमार
दिल के बीमारियों के कई कारण हो सकते हैं लेकिन शारीरिक श्रम कम होना बड़ा कारण है। लोग खाना ज्यादा खा रहे हैं। कौन सा तेल कितना खाना है यह पता नहीं। व्यायाम कर नहीं रहे। अत्याधुनिक तकनीकों से दिल का इलाज आसान हो गया है लेकिन कोशिश करें कि सेहतमंद रहें और बीमार न हों।
- डॉ. वैभव मिश्रा, कार्डियक सर्जन, दिल्ली