सिर पर हेलमेट नहीं है तो जोखिम में है आपकी जान
बिजनौर। हेलमेट के बिना बाइक का सफर जानलेवा साबित हो सकता है, यह जानते हुए भी लोग लापरवाह बने हुए हैं। कहीं न कहीं से हर रोज सड़क हादसों में मौत की खबर मिल ही जाती है। एक ओर सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद बाइक सवार सुधरने को तैयार नहीं हैं। इन पर जागरूकता अभियानों या चालान का भी कोई असर नहीं पड़ता। फिर भी बिना हेलमेट लगाए बाइक पर घर से निकल जाते हैं। हर रोज सड़कों पर काटे जा रहे चालान इसे तस्दीक करने के लिए काफी हैं।
एक जनवरी 2022 से लेकर 15 अप्रैल तक 2965 ऐसे बाइक सवारों के चालान जिले भर में काटे गए, जिन्होंने हेलमेट नहीं लगाया था। यह आंकड़ा हर रोज 30 के करीब बैठता है। पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो पूरे साल में करीब 59 हजार चालान किए गए थे। जिनमें करीब चालीस हजार चालान बिना हेलमेट वालों के काटे गए। चालान की एवज में इन्होंने जुर्माना भी भरा। अब इनमें कितने लोगों की सोच में बदलाव हुआ यह तो नहीं कहा जा सकता है, लेकिन सड़कों पर बिना हेलमेट बाइक सवार आते जाते दिखाई दे जाएंगे।
अब तो पिछले दो दिनों से सड़क सुरक्षा सप्ताह चल रहा है। चालकों को जागरूक भी किया जा रहा है। पुलिस चालान काटने के बजाय फूल दे रही है। बावजूद इसके बाइक सवार हेलमेट नहीं लगा रहे हैं। हेलमेट नहीं लगाने से चालान ही नहीं कटता, बल्कि जान के लिए भी जोखिम रहता है। बाइक सवार की साथ अगर सड़क हादसा हो जाए तो हेलमेट नहीं होने के कारण जान बचना मुश्किल है। हादसों में 75 प्रतिशत लोगों की जान हेलमेट नहीं होने के कारण जा रही है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल साढ़े तीन महीनों के अंतराल में 103 की मौत हुई। 99 लोग घायल हुए। हादसों में मरने वाले 75 बाइक सवारों के सिर पर हेलमेट नहीं था। पिछले साल 313 मौत सड़क हादसों में हुई थीं और 382 घायल हुए। जिनमें 235 लोगों की जान हेलमेट नहीं होने के कारण चली गई थी।
हेलमेट की कीमत चालान के बराबर
औसतन एक हेलमेट एक हजार रुपये के आसपास मिल जाता है। अब बिना हेलमेट चालान कट जाए तो जुर्माना भी एक हजार रुपये है। इसके बाद भी लोग सुधरने को तैयार नहीं हैं। जबकि हेलमेट लगाकर जान का जोखिम भी कम होगा और चालान का डर भी नहीं रहेगा।
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सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत चालकों को जागरूक किया जा रहा है। बीच में भी अभियान चलाकर हेलमेट लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। फिर भी चेकिंग के दौरान तमाम बाइक सवार बिना हेलमेट ही मिलते हैं। हालांकि पुलिस का मकसद चालान करना नहीं होता, यह सिर्फ इसलिए किया जाता है कि बाइक सवारों को चालान की वजह से ही सही लेकिन हेलमेट लगाने की आदत पड़ जाए। हेलमेट जीवन की रक्षा करता है - डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी