बिजनौर। भाकियू की गन्ना समिति बिजनौर के प्रांगण में हुई पंचायत में किसानों ने अंधाधुंध बिजली कटौती होने, जर्जर लाइन के तार बदलने, बिलाई मिल के बकाया भुगतान, आवारा पशुओं के मुद्दों को उठाया। बाद में डीएम की उपस्थिति में कई विभाग के अफसरों व किसान नेताओं के बीच वार्ता हुई, उसमें कई बिंदुओं के समाधान कराने की बात किसान मान गए। मंडल अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने दो टूक कहा यदि वादा खिलाफी हुई, तो संगठन आंदोलन को बाध्य होगा।
सोमवार दोपहर एक बजे कलक्ट्रेट के सभागार में अफसरों व किसान प्रतिनिधि मंडल की समझौता वार्ता हुई। वार्ता में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बिजली की व्यवस्था शीघ्र ही सुचारु रूप हो जाएगी। जर्जर लाइनों को बदलने के लिए डीएम स्तर से पत्र लिखकर शीघ्र समाधान कराया जाएंगे। बिलाई शुगर मिल का भुगतान अबतक 60 प्रतिशत चीनी बेचकर किया जा रहा था। अब 90 प्रतिशत चीनी बिक्री की धनराशि का गन्ना भुगतान में जाएगा। गेहूं खरीद में जो क्रय केंद्र कम किए गए हैं, उनको शुरू कराया जाएगा। अफजलगढ़ के सुरतपुर क्रय केंद्र को मंगलवार से शुरू कर दिया जाएगा। वार्ता में डीसीओ यशपाल सिंह, बिजली, स्वास्थ्य व पशुविभाग और सिंचाई विभाग के अफसर उपस्थित थे। किसानों की ओर से चौधरी दिगंबर सिंह, चौधरी बलराम सिंह, दर्शन सिंह फौजी, नितिन सिरोही, उत्तम कुमार, अतुल कुमार आदि रहे।
गन्ना समिति बिजनौर में हुई पंचायत में मंडलाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि गलत लोगों को संगठन के अंदर किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संगठन में कई पदों पर विराजमान नेताओं को गलत बताया। कहा कि महत्वपूर्ण पदों के लोगों को हटाने की जरूरत पड़ी, तो हटवाया जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि हाईकमान हमारे निर्णय को स्वीकार नहीं करता है, तो हमें समानांतर अलग जिलाध्यक्ष बनाकर संगठन चलाना पड़ा, तो हम उससे भी पीछे नहीं हटेंगे। काफी कार्यकर्ताओं ने उनके निर्णय को स्वीकार कर अपना समर्थन दिया। दिगंबर सिंह ने कहा कि हम महात्मा महेंद्र सिंह टिकैत के सिपाही हैं, थे और सदैव रहेंगे। संगठन में हम किराएदार नहीं हिस्सेदार हैं। धीर सिंह बालियान की अध्यक्षता और जिला उपाध्यक्ष राकेश प्रधान के संचालन में गन्ना समिति में हुई पंचायत में चौधरी कुलदीप सिंह, संजीव कुमार, गजेंद्र सिंह, अरविंद राजपूत, अमरपाल सिंह, उदयवीर सिंह, कुलवीर सिंह, सरदार इकबाल सिंह आदि उपस्थित रहे।