बिजनौर। मेडिकल अस्पताल में लिवर खराब के हर महीने लगभग 10 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें खास बात ये भी है कि बिना शराब के सेवन के ही इनके लिवर खबरा हो गए। चिकित्सकों का कहना है कि लिवर खराब होने का कारण शराब का अधिक सेवन होने के साथ ही गलत खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, बिना चिकित्सक परामर्श दवाइयों के गलत सेवन भी है।
चिकित्सकों का कहना है कि जिले में हेपेटाइटिस बी और सी तेजी से फैल रहा है। लिवर की समस्या होने पर अस्पताल पहुंचे। जब, डॉक्टरों ने मरीज से जानकारी की तो पता चला उन्होंने कभी शराब नहीं पी। जांच कराई तो मरीज हेपेटाइटिस सी से ग्रसित मिला।
बीमारी, वायरस से होता है क्रोनिक लिवर रोग
किसी भी बीमारी (डायबिटीज, हेपेटाइटिस, वायरल) का समय से इलाज नहीं कराने पर लिवर प्रभावित होने लगता है। इससे सीएलडी (क्रोनिक लिवर रोग) हो रहा है। जो लिवर के ऊतकों को लंबे समय तक होने वाले नुकसान के कारण होता है। जिससे धीरे-धीरे लिवर की कार्यप्रणाली खराब होती है।
लिवर की कोशिकाओं में जमा हो रही वसा
गलत खानपान और शारीरिक गतिविधि नहीं करने की वजह से लिवर फैटी हो रहा है। लिवर की ग्रेड-3 ज्यादा खतरनाक है। इससे वसा लिवर की कोशिकाओं में जमा हो जाती है। इससे ही लिवर खराब हो रहा है।
खराब लिवर के लक्षण
-पीलिया होना
-भूख न लगना
-मुंह से खून आना
-फेफड़ों में पानी होना
-सांस फूलना
लिवर को खराब होने से ऐसे बचाएं
-नियमित रूप से व्यायाम करें
-वसा का ज्यादा प्रयोग न करें
-शराब सहित अन्य कैमिकल का उपयोग न करें
-जैविक तरीके से उगाए गए फल, सब्जी का प्रयोग करें
-बिना चिकित्सक परामर्श दवाइयों का सेवन न करें
शराब के सेवन से लिवर खराब होने के अधिक मामले आते हैं। लेकिन, डायबिटीज, हेपेटाइटिस सहित वजहों से भी लिवर खराब हो रहा है। वसा का प्रयोग लिवर को फैटी कर रहा है।
डॉ. पंकज त्यागी, वरिष्ठ फिजीशियन
पौष्टिक आहार के स्थान पर लोग वसा युक्त भोजन का सेवन अधिक कर रहे हैं। जीवनशैली बदल गई है। जिससे लिवर प्रभावित हो रहा है। दर्द निवारक सहित अन्य दवाइयों के अधिक सेवन से भी लिवर खराब हो रहा है। इसलिए चिकित्सक से परामर्श लें।
डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर