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क्रय केंद्र खुलवाने के लिए भूख हड़ताल

Tue, 01 Nov 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में खराब हुई धान की फसल । - फोटो : अमर उजाला
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हीमपुरदीपा  में गांव में ही गन्ना क्रय केंद्र बनवाने के लिए मारूफपुर के किसानों ने परिवार की महिलाओं के साथ भूख हड़ताल शुरू कर दी है। गांव वालों ने गन्ना क्रय केंद्र न खुलने तक भूख हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है।
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हीमपुरदीपा थाना क्षेत्र के गांव मारुफपुर के किसान अपना गन्ना पास के गांव माड़ी में लगे स्योहारा मिल के गन्ना क्रय केंद्र पर डालते हैं। किसान काफी समय से अपने गांव में क्रय केंद्र लगवाने के लिए प्रयासरत थे। लेकिन गांव में क्रय केंद्र नहीं खुल सका। मंगलवार को गांव के किसान परिवार की महिलाओं सहित जितेंद्र चिकारा की बैठक पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।
 इन किसानों और परिवार के लोगों में विजयपाल सिंह, महेंद्र, तेजपाल, प्रमोद, विमल, अमर सिंह, वेदप्रकाश, नरेंद्र सिंह, महाराज सिंह, अमलेश, शकुंतला, अनीता, ओमवती आदि के अनुसार इस संबंध में शासन प्रशासन के अधिकारियों से मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के अनुसार गांव मारूफपुर में गन्ना क्रय केंद्र खुलने का प्रस्ताव गन्ना आयुक्त के पास भेजा जा चुका है। अभी नए केंद्र खुलने के प्रस्ताव पास नहीं हुए हैं।
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बासमती धान की फसल में नहीं पड़ा दाना
बिजनौर। बासमती चावल का निर्यात रोकने के बाद किसानों ने जिसा पीबी 6 प्रजाति का धान बोया, उसमें दाना ही नहीं पड़ा। हालत यह है कि किसान अपने खेतों से धान की फसल कटवा पाने का खर्चा भी निकलवा पाने की स्थिति में नहीं हैं। यह बीज किसानों को कृषि विभाग ने ही उपलब्ध कराया था। अब किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। जिले में पैदा होने वाला बासमती चावल प्रमुख रूप से  खाड़ी देशों को निर्यात होता है। दो-तीन साल पहले ईरान को बासमती चावल के निर्यात पर रोक होने के कारण जिले के किसानों ने बासमती चावल बोना ही बंद कर दिया था। 
  इस साल निर्यात से रोक हटी तो कृषि विभाग ने भी किसानों को बासमती की पीबी 6 प्रजाति बोने के लिए प्रेरित कर उनको बीज बेचा। पीबी 6 प्रजाति से एक बीघा में दो किलो चावल मिलता है, लेकिन अब फसल पक कर तैयार हुई तो किसानों के होश उड़ गए। पीबी 6 प्रजाति में दाना ही नहीं पड़ा था। पहले ही पीबी 6 प्रजाति में लागत लगा चुके किसान अब इस स्थिति में भी नहीं हैं कि खेत में खड़ी फसल को कटवाने की लागत निकाल सकें। गांव करौंदी निवासी विजय सिंह ने चार बीघा, गांव आदमपुर निवासी ओमपाल सिंह ने 20 बीघा, गांव खारी निवासी बिजेंद्र सिंह ने तीन बीघा, गांव सौफतपुर निवासी सुरेशपाल ने चार बीघा पीबी 6 प्रजाति का धान बोया था। लेकिन फसल में दाना न पड़ पाने के कारण वे खेतों को कटवाने की लागत निकालने की स्थिति में भी नहीं हैं। भाकियू के जिला महासचिव दिगंबर सिंह के अनुसार किसानों को पीबी 6 प्रजाति में दाना न पड़ने पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने यह बीज कृषि विभाग से खरीदा था। कृषि विभाग को अब किसानों को मुआवजा देना चाहिए। अगर किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो भाकियू आंदोलन करेगी।
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