बिजनौर में भैयादूज पर यात्रियों की भारी भीड़ आने के कारण उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम की व्यवस्था चरमरा गई है। यात्रियों को बसों के इंतजार में घंटों खड़ा रहना पड़ा। बसों में एक-एक सीट के लिए मारामारी मची रही। धक्कामुक्की और विवादों के बीच जोखिम उठाकर भाई-बहनों ने सफर किया। देहाती रूटों पर बसों और अन्य वाहनों की कमी के कारण हालात और खराब रहे।
भैया दूज के लिए बसों में सफर के लिए पहुंचे कुछ यात्रियों ने बताया कि रास्तों में चौराहों और स्टॉपेज पर बसों को नहीं रोका गया। अड्डे से ही बसों में छतों तक सवारियां रहने से रास्ते के मुसाफिरों को बड़ी मुसीबतें उठानी पड़ी। यात्री मुनेद्र सिंह, दिवाकर, मनोज मराठा, संजय पाल आदि का कहना है कि रोडवेज बस चालक शक्ति, कोतवाली, गुप्ता, प्रदर्शनी और रामलीला चौक पर बसें नहीं रोक रहे हैं। इसके चलते वापसी के समय भी मुसाफिरों को परेशानी होगी।
यात्रियों ने कहा कि त्योहार पर बसों के फेरे बढ़ाने के दावे किए गए थे। मगर इनसे कोई राहत नजर नहीं आई। एमआरएम वीके मौर्य का कहना है कि परिवहन निगम की ओर से बसों के फेरे बढ़ाने और ठहराव स्थलों से यात्रियों को लेने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण बसों की कमी महसूस हो रही है। रास्तों में ठहराव के लिए बस चालकों को फिर से कडे़ निर्देश दिए जाएंगे।
उधर, धामपुर में भी भैया दूज पर वाहनों में जगह नहीं मिलने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। बसों में भी यात्रियों को धक्कामुक्की कर यात्रा करनी पड़ी।
भैया दूज पर इस बार भी परिवहन निगम के दावों की हवा निकल गई। यात्रियों को रोडवेज बस अड्डे पर बस तक नहीं मिली। बस मिली भी तो यात्रियों में चढ़ने के लिए मारामारी मच गई। हालात बदहाल देख यात्री परेशान होकर घर वापिस लौटने के लिए मजबूर हुए। कुछ यात्रियों ने खड़े होकर ही बसों में यात्रा करना मुनासिब समझा। यात्री अंजली सक्सेना, अर्चना देवी, सरोज का कहना है कि हर बार बसों में चढ़ने के लिए ये ही हालत रहती है। बसों की कोई व्यवस्था नहीं है। गिनी चुनी बसें ही रूट पर लगाई गई हैं। कुछ यात्रियों को छतों पर बैठकर जान हथेली पर लेकर जाना पड़ा। कई यात्रियों के धक्कामुक्की में जेब कतरों ने पर्स काट लिए। उधर, एआरएम अनिल सिंह का कहना है कि सभी रूटों पर 54 बसें लगाई गई थी, यात्रियों की भीड़ ज्यादा होने से कुछ दिक्कतंे रही हैं।
बिजनौर में जिले भर में भैया दूज का पर्व श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों का तिलक कर उनके दीर्घायु होने की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देते हुए उनकी रक्षा का वचन दोहराया।
भैया दूज पर सुबह से ही सड़कों पर चहल पहल थीं। कहीं पर बहनें अपने भाईयों के घर तो कहीं पर भाई अपनी बहनों के घर तिलक कराने के लिए पहुंचे। बहनों ने भाईयों का तिलक करने के बाद ही अन्न ग्रहण किया। भाईयों ने भी बहनों को उपहार या शगुन दिए। बच्चों में भैया दूज को लेकर खासा उत्साह रहा। भैया दूज पर पूरे दिन बाजार में मिठाइयों की दुकानों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। ह
कोतवाली देहात क्षेत्र में बहन-भाई के प्यार का पर्व भैयादूज बडे़ उत्साह के साथ मनाया गया। क्षेत्र में बहन-भाई के प्यार का पर्व भैयादूज बडे़ उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों को तिलक कर उनके लंबी उम्र की कामना की। इस अवसर पेटोल-पंपो ,मिठाई की दुकानों आदि पर काफी भीड़ रही।
धामपुर में भैयादूज का त्योहार क्षेत्र में हर्षोल्लास और आस्था के साथ मनाया गया। इस मौके पर बहनों ने भाईयों को तिलक लगाकर और गोला मिठाई खिलाकर लंबी आयु की कामना की। इस अवसर पर भाईयों ने अपनी बहनों को उपहार भेंट कर उनकी रक्षा का संकल्प लिया।
मंगलवार को भैयादूज सुनीता देवी, राखी, पूनम रानी, रेखा रानी बहनों ने निर्जल व्रत रखकर अपने भाईयों को तिलक लंबी आयु की कामना की। सुबह से ही बहने अपने भाइयों के घर जाने के लिए निकली गई। वहीं भाई भी अपनी बहनों के घर के लिए निकले।
दोनों अपने घरों पर उत्सुकता के साथ एक दूसरे का इंतजार कर रहे थे। घर आने पर बहन ने भाई की कलाई पर कलावा बांधा और तिलक लगाकर गोला भेंट किया। भाईयों ने भी हाथ की कलाई में कलवा बंधवाकर बहनों की रक्षा और सुरक्षा का संकल्प लिया।