बिजनौर। पंद्रह दिन के नवजात बालक को पांच लाख रुपये में बेच दिया गया। खरीद फरोख्त का भेद खुलने पर 14 माह के बालक को पुलिस ने बरामद कर लिया है। मामले में बालक के माता-पिता, दो अप्रशिक्षित चिकित्सक, दाई और बालक को खरीदने वाली महिला समेत छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक अप्रशिक्षित महिला चिकित्सक की गिरफ्तारी होना बाकी है।
एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि गांव नैनपुरा निवासी शबनम पत्नी फरमान ने नगीना के अस्पताल में जुड़वां बच्चों एक बेटी और एक बेटे को जन्म दिया। 15 दिन के बाद ही 28 अगस्त 2025 को दंपती ने दो लाख रुपये लेकर गांव की दाई के माध्यम से बेटे को अप्रशिक्षित चिकित्सक जितेंद्र कुमार उर्फ विक्की, कपिल उर्फ राजवीर और शिवानी को दे दिया। इन्होंने हरिद्वार निवासी निसंतान दंपती को पांच लाख रुपये में बच्चा बेच दिया गया। रकम का लेनदेन नगीना के रौनक अस्पताल में हुआ जबकि बच्चा पीयूष अस्पताल में दंपती के हवाले किया गया। दलाल की भूमिका में तीनों आरोपियों ने एक-एक लाख रुपये रख लिए। कुछ दिनों के बाद दंपती को मालूम हुआ कि बच्चा ज्यादा रकम में बेचा गया, जिस पर उन्होंने शिकायत की धमकी दी। मामले को दबाने के लिए अप्रशिक्षित चिकित्सकों ने डेढ़ लाख रुपये और दे दिए थे मगर मामला खुलने पर पुलिस ने कार्रवाई कर दी। प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी देहात गौतम राय ने बताया कि यह भी जांच की जा रही है कि उक्त अस्पतालों में पहले भी बच्चों की खरीद फरोख्त हुई है या नहीं।
हिंदू परिवार में जाने पर बालक के मामा ने की थी एसपी से शिकायत
बालक के माता पिता डेढ़ लाख रुपये और मिलने पर चुप हो गए थे। मगर परिवार और रिश्तेदारों को यह पता चल गया कि बच्चा हिंदू परिवार को बेचा गया है। ऐसे में बालक के मामा ताजुद्दीन निवासी भूरापुर ने एसपी से शिकायत की। शिकायत में मामला सही मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया गया।
आर्थिक तंगी के चलते दंपती ने बेचा बच्चा
शबनम की फरमान से दूसरी शादी है। जिसके चार बच्चे पहले से ही थे, जबकि अगस्त 2025 में शबनम ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि दंपती आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। शुरुआत में गांव की दाई शफीकन को पालन-पोषण के लिए देने की बात कही थी। बाद में बच्चे को बेच दिया गया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
जितेंद्र कुमार उर्फ विक्की निवासी नंदपुर नगीना (अप्रशिक्षित चिकित्सक)
कपिल उर्फ राजवीर निवासी नंदपुर नगीना (अप्रशिक्षित चिकित्सक)
फरमान निवासी नैनपुरा नगीना (पिता)
शफीकन निवासी नैनपुरा (दाई)
शबनम निवासी नैनपुरा (मां)
सलोचना निवासी बहादुर सैफी थाना बहादराबाद हरिद्वार (खरीदने वाली महिला)
संचालित हो रहे चार अस्पताल और दो होटल
पकड़े गए दोनों अप्रशिक्षित चिकित्सक सगे भाई हैं। इनके दो अस्पताल गांव नंदपुर और दो अस्पताल नगीना में संचालित हो रहे हैं। इनके एक अस्पताल पर पिछले साल सील भी लगी थी, मगर बाद में उसे फिर से संचालित कर लिया गया है। अस्पतालों का न पंजीकरण न ही चिकित्सकों के पास डिग्री है। जितेंद्र की पत्नी शिवानी भी खुद को डाक्टर बताती है। इनके नगीना में ही दो होटल संचालित हो रहे हैं। एक पल दो पल और दो पल, इन होटल का सराय एक्ट में पंजीकरण होने की भी जांच की जाएगी।
इन धाराओं में दर्ज हुई प्राथमिकी
बच्चा बेचने के मामले में अपहरण, धमकी, 14 साल से कम उम्र के बच्चे का परित्याग, मानव तस्करी की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। साथ ही किशोर न्याय अधिनियम की धारा 80/81 को भी शामिल किया गया है।