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Bijnor News: शहतूत के बाग में झाड़ियां तो कैसे बनेगी रेशम

Fri, 24 Oct 2025 11:53 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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बिजनौर के गांव सुंगरपुर बेहड़ा में बदहाल राजकीय रेशम फार्म। संवाद
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बिजनौर। इसे अनदेखी कहें या लापरवाही मगर जिले में रेशम कीट पालन और उत्पादन की योजना दम तोड़ रही है। राजकीय रेशम फार्म में शहतूत के पेड़ों के बजाए झाड़ियों की भरमार है। कीट पालन केंद्र भी बदहाल पड़े हैं।
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शुक्रवार को रिपोर्टिंग टीम दोपहर तीन बजे राजकीय रेशम फार्म सुंगरपुर बेहड़ा पहुंची। रेशम फार्म के कार्यालय पर ताला लटका मिला। हालात ऐसे नजर आए कि मानों खंडहर में तब्दील होने का इंतजार है। इस कार्यालय के चारों ओर शहतूत का बाग है। इन शहतूत के पत्तों को खाकर ही रेशम कीट पनपता है। मगर रेशम फार्म में शहतूत के पेड़ों से ज्यादा झाड़ियां और घास नजर आई। इस बरसात में किया गया पौधरोपण भी नजर नहीं आया।
बता दें कि रेशम विकास विभाग की ओर से बिजनौर को साल 2005-06 में रेशम उत्पादन के लिए प्रमुख केंद्र बनाया था। बाकायदा गांव सुंगरपुर बेहड़ा, जट्टीवाला, बरमपुर और बुड़गरा में रेशम कीट पालन केंद्र स्थापित किए गए। सुंगरपुर बेहड़ा में 6.5 एकड़, जट्टीवाला में तीन एकड़, बुड़गरा और बरमपुर में 36-36 एकड़ भूमि में राजकीय चाकी कीट पालन केंद्र स्थापित करने के साथ शहतूत फार्म विकसित किए गए थे।
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डीएम जसजीत कौर ने कहा कि इसे दिखवाया जाएगा और संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी।

बिजनौर के गांव सुंगरपुर बेहड़ा में बदहाल राजकीय रेशम फार्म। संवाद

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