होम आइसोलेट कोरोना पॉजिटिव रोगियों पर पैनी नजर
बिजनौर। कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या लगातार बढ़ने पर सरकार ने नया कदम उठाया है। इसके तहत जिन व्यक्तियों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है और उनमें कोई खांसी-जुकाम और बुखार के लक्षण नहीं हैं, तो उन्हें होम आइसोलेट किया जा रहा है। स्वास्थ्य महकमा उनकी निगरानी कर रहा है। जिले में अब तक करीब 45 लक्षणहीन मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। वर्तमान में चिकित्सकों की देखरेख में इनका उपचार चल रहा है। फिलहाल इन सभी की हालत में सुधार हो रहा है।
कोरोना पॉजिटिव मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराकर उन्हें पौष्टिक खाना भी दिया जाता था। उपचार के दौरान जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही डिस्चार्ज किया जाता था। इनमें बहुत से ऐसे मरीज भर्ती थे, जिनमें खांसी-जुकाम और बुखार यानी कोरोना के लक्षण नहीं थे। अब कोरोना तीव्रता के साथ बढ़ रहा है। मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि शासन के निर्देश पर अब बिना लक्षण वाले मरीजों को अब होम आइसोलेट किया जा रहा है। जिले में अब तक लक्षणहीन लगभग 45 मरीजों को होम आइसोलेट किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि होम आइसोलेट करने की शर्त ये है कि कोरोना के लक्षण नहीं होने पर मरीज को सात दिन के लिए उसके घर में ही होम आइसोलेट किया जाता है। इसके लिए मरीज को शासन की शर्तों का पालन करना होता है। अगर किसी मरीज को कोई परेशानी हो तो उसे कोविड हॉस्पिटल भेजा जाता है। अभी तक होम आइसोलेट किये गए किसी भी मरीज को अब तक कोई दिक्कत नहीं हुई है और न ही किसी को कोविड हॉस्पिटल मुरादाबाद भेजना पड़ा है।