चार आरोपियों से वसूली पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
बिजनौर। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के दौरान बिजनौर में उपद्रव करने के मामले में चार आरोपियों से क्षतिपूर्ति वसूली पर फिलहाल हाईकोर्ट ने अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। चारों आरोपियों की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका डाली गई, जिस पर सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख नीयत की गई है।
20 दिसंबर 2019 को सीएए के विरोध में बिजनौर में हिंसक प्रदर्शन हुआ था। उपद्रवियों ने अनेक दुकानों पर पथराव करते हुए वाहनों में भी तोड़फोड़ की थी। सिविल लाइन में उपद्रवियों ने बाइक में आग लगा दी थी। इस मामले में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) ने पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब, उनके भाई परवेज आफताब, आदिल उर्फ चुहिया, इरशाद अथर, मास्टर शहादत हुसैन, मिर्जा जीशान बेग, अधिवक्ता वाजिद हुसैन, सभासद अकील, शकील से उपद्रव में हुए संपत्ति के नुकसान भरपाई के लिए दो लाख 20 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति की वसूली का आदेश जारी किया था। एडीएम के इस आदेश के खिलाफ जावेद आफताब, परवेज आफताब, मास्टर शहादत हुसैन और मिर्जा जीशान बेग की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जिसमें कहा गया था कि एडीएम को ऐसा आदेश जारी करने का क्षेत्राधिकार नहीं है। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वीएम जैदी के अनुसार हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनोज मिश्रा एवं न्यायाधीश दीपक वर्मा की बेंच ने मामले में शासन को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। फिलहाल चारों लोगों से वसूली किए जाने संबंधी आदेश पर रोक लगा दी है।