बिजनौर। आमतौर पर शादी-विवाह की तारीख पंडित के बताए शुभ मुहूर्त के अनुसार तय होती है। मगर, बिजनौर के मोहल्ला बकली के कई परिवारों के लिए शादी का असली मुहूर्त पानी उतरने के बाद ही आता है। बरसात के मौसम में मोहल्ले के घरों और गलियों में जलभराव होने से लोग विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रम आयोजित करने से बचते हैं और सर्दियों का इंतजार करते हैं।
ग्राम पंचायत बकली अब नगरपालिका का हिस्सा है। लेकिन पिछले 10 से ज्यादा सालों से यहां पानी निकासी की समस्या बनी हुई है। इसकी वजह से इस समस्या से जूझ रहे करीब 20 परिवार सामाजिक और मानसिक रूप से परेशानी झेल रहे हैं। बरसात के दिनों में यहां जलभराव हो जाता है। इन परिस्थितियों में रिश्तेदारों और बारातियों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि यहां रहने वाले परिवार शादी-विवाह की तारीख तय करते समय बरसात के महीनों से दूरी बनाते हैं और सर्दियों के मौसम को प्राथमिकता देते हैं। इन परिवारों के लिए बरसात के दिनों में रहना बहुत कठिन है।
मोहल्लेवासियों ने घरों की छत पर बनाया आशियाना
मोहल्लेवासियों का कहना है कि कुछ माफियाओं ने तालाब पाटकर कॉलोनी काट दी। जिसके चलते पानी निकासी नहीं हो पाती है। तालाब बंद होने के कारण इलाके में बारिश का पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है। जिसके चलते बरसात में घरों के आसपास पानी भर जाता है। जबकि तेज बारिश होने पर कई घरों के अंदर तक पानी पहुंच जाता है। जिसके चलते कई परिवारों ने मजबूरी में अपने घरों की छतों पर अस्थायी आशियाना बना लिया है।
पहली ही बारिश में धसने लगी मकानों की मिट्टी
मोहल्ला बकली के जहां 20 परिवार निवास कर रहे हैं। वहां अब पहली ही बारिश में मिट्टी धसने लगी है। इससे मकान गिरने का भी खतरा बना हुआ है। दरअसल, पानी निकासी नहीं होने से पानी मकानों के आसपास भरा हुआ है। जिसके चलते अब मकान की नींव में पानी भरने से मिट्टी धसने लगी है।
मोहल्लेवासी टिंकू ने बताया कि सर्दियों में जलभराव नहीं हो पाता है। इससे यहां पानी कम होने के बाद हालात सामान्य हो जाते हैं। जिसके चलते सर्दियों में ही शादी करने उचित समझते हैं। क्योंकि, शादी समारोह में घर पर मेहमानों का आना-जाना लगा रहता है।
मोहल्लेवासी सीताराम ने कहा कि भले ही सार्वजनिक स्थानों पर शादी करते हैं। लेकिन शादी होने पर मेहमान घर आते ही हैं। ऐसे में काफी परेशानी होती है। इसलिए बरसात के दिनों में शुभ मुहूर्त होने पर भी शादी करने से परहेज करते हैं।
मोहल्लेवासी सुमन का कहना है कि तालाब की निकासी व्यवस्था दुरुस्त की जाए। स्थायी जल निकासी का समाधान निकले। इससे बरसात के मौसम में भी लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मोहल्लेवासी ओमवती ने कहा कि शादी के लिए शुभ मुहूर्त जरूरी होता है। लेकिन बरसात में शुभ मुहूर्त होने पर भी शादी नहीं करते हैं। क्योंकि, यहां मेहमानों के बैठने के लिए भी जगह नहीं होती है। पानी निकासी का कोई स्थायी समाधान निकलना चाहिए।
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इस जगह पर टीम भेजी गई थी। इसके लिए योजना बन रही है। जल्द ही इसके समाधान पर काम कराया जाएगा।
इंदिरा सिंह, चेयरपर्सन, नगर पालिका बिजनौर