बिजनौर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफडी) कार्यक्रम को प्रभावी बनाने कवायद की जा रही है। इसी क्रम में जिले की पांच सड़कों पर दिन में भारी वाहनों और खनन वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम जसजीत कौर ने बताया कि पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के आधार पर जनपद के छह थाना क्षेत्रों को जेडएफडी कार्यक्रम के तहत चिह्नित किया गया है। इन थाना क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली पांच सड़कों पर दिन के समय भारी एवं खनन वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क हादसों की आशंका अधिक पाई गई है। इसे देखते हुए यातायात सुरक्षा के मद्देनजर विशेष व्यवस्था लागू की गई है।
मंडावली-मंडावर मार्ग, कोतवाली देहात-नहटौर-नूरपुर मार्ग, धामपुर-नहटौर-झालू-बिजनौर मार्ग, नजीबाबाद-रायपुर सादात-नगीना मार्ग पर प्रतिदिन सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक भारी और खनन वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने ऐसे वाहनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आवागमन के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए किया मंथन
पुलिस लाइन में एएसपी यातायात गौतम राय ने गोष्ठी में अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ मंथन किया। जिसमें ब्लैक स्पॉट, संकेतक एवं प्रकाश व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया गया। ओवरलोड और तेज रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही।
शहर में चेकिंग, हाईवे पर टूट रहे नियम
कहने को यातायात पुलिस नियमों का पालन कराने के लिए अभियान चला रही है। लेकिन यह अभियान सिर्फ शहरों तक सिमट गया है। शहरों में यातायात पुलिस द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं। जबकि, हाईवे पर वाहन चालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। वहां नियमों का पाठ पढ़ाने वाला कोई नहीं है। हेलमेट नहीं लगाने से लेकर ओवर-स्पीडिंग, वाहन चलाते समय फोन पर बात करना, तीन सवारी सहित अन्य नियमों का ताक पर रखकर वाहन दौड़ रहे हैं। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि जिले में यातायात नियमों का पालन कराने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।