धामपुर। तहसील परिसर में एसआईआर कार्यक्रम के तहत जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें अधिकारियों की ओर से समस्याओं की सुनवाई के लिए समय नहीं दिया जा रहा है। उन्हें बगैर समाधान के ही लौटने को विवश होना पड़ रहा है।
क्षेत्र के गांवों से आए गजेंद्र सिंह, भूरेखां, अहमद मियां, दिलशाद, फुरकान, नदीम, शाहिद आदि का कहना है कि अधिकारी नोटिस जारी कर बुला तो रहे हैं, पर यहां पर कार्य धीमी गति के चलने की वजह से उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कुछ अधिकारी समय से अपने कार्यालय नहीं पहुंच रहे है। कुछ जानबूझकर उनके प्रमाणपत्र को गलत बताते हुए परेशान करने के प्रयास में लगे हैं। बता रहे हैं कि उन्हें 1987 से लेकर 2004 तक के बीच जन्मे लोगों को अपने माता या पिता में किसी एक का प्रमाणपत्र देना होगा जबकि उनके पास ऐसा कोई प्रमाणपत्र नहीं है और उनके माता-पिता की भी मौत हो चुकी है। ऐसे में किस प्रकार से प्रमाणपत्र दाखिल करें, उनकी समझ में नहीं आ रहा है।
तहसीलदार धनराज कुमार ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि सभी की प्रक्रिया के अनुरूप सुनवाई कर समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।