पेट की खातिर : नंगे पैर बिजनौर में सड़कों की खाक छानकर कूड़ा बीनने को मजबूर हो रहा बच्चा।
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पेट की खातिर : आग उगलते सूरज से बचने के लिए एसी, कूलर का सहारा लिया जा रहा तो कहीं कोई हिल स्टेशन पर घूमने जा रहा है। लेकिन पेट की आग बुझाने के लिए इस बच्चे को तो चमड़ी झुलसाती धूप में भी नंगे बदन और नंगे पैर बिजनौर में सड़कों की खाक छानकर कूड़ा बीनने को मजबूर हो रहा है।
जिले में दर्जनों सामाजिक संस्थाएं हैं। लेकिन सब बंद कमरों में कार्यक्रम कर वाहवाही लूटने में लगे हैं। ऐसे जरूरतमंद बच्चों की तरफ कोई ध्यान नहीं देता।