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बुढ़ापे का इकलौता सहारा ही बन गया जल्लाद

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बुढ़ापे का इकलौता सहारा ही बन गया जल्लाद
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नूरपुर (बिजनौर) । पूत सपूत तो क्यों धन संचे, पूत कपूत तो क्यों धन संचे। कहावत पुरानी है, लेकिन आज भी इसकी महत्ता साफ नजर आ रही है। चेतराम सिंह ने जिस इकलौते बेटे को बुढ़ापे का सहारा समझा, उसे शराब के नशे ने जल्लाद बना दिया। सुधीर ने अपने पिता चेतराम सिंह के साथ मारपीट ही नहीं की, बल्कि हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से गला दबा दिया। रिश्तों के इस कत्ल की दास्तां जो भी सुन रहा है, सिहर जाता है। उसके नशे की आदत से परेशान पत्नी पहले ही छोड़कर जा चुकी है।
सुधीर के शराब पीने की लत ने चेतराम सिंह के पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया। शराब के चक्कर में सुधीर की पत्नी अपने बेटे को लेकर मायके चली गई। रविवार को भी सुधीर अपने पिता चेतराम से पैसे मांग रहा था। मना करने पर पहले उसने पिता को बुरी तरह पीटा। बेटे द्वारा पिता के साथ मारपीट ही नहीं की गई, बल्कि मानवता और रिश्तों को भी तार-तार कर दिया गया। वह इतने पर ही नहीं रुका, उसने अपने पिता के हाथ कमर के पीछे बांधे और फिर पैर भी बांध दिए। नशे के लिए बहशीपन पर उतरे बेटे ने चेतराम का गला दबा दिया। हाथ-पैर बंधने से बेवश चेतराम विरोध भी न कर सका और दम तोड़ दिया। सुधीर के इस कृत्य को जो भी सुन रहा है, सिहरकर रह जा रहा है।
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नशे की दलदल में फंसता गया
चेतराम करीब 14 वर्ष पूर्व कालागढ़ सिंचाई विभाग से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने अपने इकलौते पुत्र सुधीर की शादी भी कर दी थी। सुधीर के करीब 15 वर्ष का एक पुत्र भी है। उसकी हरकतों से परेशान पत्नी करीब दो वर्ष पहले उसे छोड़कर पुत्र के साथ अपने मायके चली गई थी। ग्रामीणों की माने तो शुरू में वह शराब का नशा करता था, लेकिन बाद दूसरे नशे की दलदल में फंसता चला गया। वह अक्सर नशे की हालत में पत्नी और पिता के साथ मारपीट करता था।
गुस्सैल हो गया था व्यवहार
सुधीर के व्यवहार से कोई ग्रामीण संतुष्ट नजर नहीं आ रहा। पड़ोसियों व ग्रामीणों से छोटी- छोटी बात पर उसका झगड़ा होता रहता था। एक बार मारपीट में वह जेल भी गया था। चेतराम की पत्नी की भी तीन वर्ष पहले मौत हो गई थी। एक वर्ष से घर मे पिता पुत्र अकेले रह रहे थे। उसका पूरा खर्च पिता चेतराम अपनी पेंशन से चलता था।
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पिता की हत्या का नहीं अफसोस
ग्रामीणों के अनुसार शराब की लत के कारण सुधीर की पत्नी दो वर्ष पहले उसे छोड़कर मायके चली गई थी। सुधीर पिता से अक्सर पैसों की मांग करता था और पैसे न मिलने पर मारपीट करता था। पुलिस हिरासत में सुधीर ने बताया कि पिता के कारण ही उसकी पत्नी उसे छोड़ गई। पिता ने तीन दिन पहले गांव में कुछ युवकों से उसकी पिटाई कराई थी। उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।
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