बिजनौर में वारदात के चार दिन बाद भी एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद के मर्डर की गुत्थी सुलझ नहीं पाई। पुलिस और जांच एजेंसियां मर्डर के किसी नतीजे पर पहुंचने पर अभी तक पूरी तरह से नाकाम हैं। किसी आतंकी संगठन ने भी वारदात को अंजाम देने की जिम्मेदारी अभी तक नहीं ली है। हालांकि एनआईए समेत तमाम एजेंसियां आतंकियों संगठनों के हिस्ट्री खंगालने मेें जुटी हुई है। दोनों संदिग्धों की पहचान होने के बाद वीडियो के जरिये कातिलों तक पहुंचने की बात नहीं बन पाई है।
तंजील मर्डर ने एनआईए समेत तमाम जांच एजेंसियों और पुलिस महकमे की नींद उड़ा रखी है। चार दिन बाद भी मर्डर का कोई क्लू पुलिस और जांच एजेंसी को नहीं मिला है। एनआईए समेत जांच एजेंसियां आतंकी संगठन व पुलिस शूटरों को खंगालने में लगी है। इलाके के बदमाशों से भी पता किया जा रहा है कि तंजील मर्डर में किसका हाथ हो सकता है। किसी आतंकी संगठन ले तंजील को मारने की जिम्मेदारी भी नहीं ली है। तंजील मर्डर में हर कोई हाई प्रोफाइल शूटरों का हाथ मान रहा है। शूटर कौन थे और उन्हें किसने भेजा था यह तस्वीर उभर कर सामने नहीं आई है। तंजील की भांजी की शादी की वीडियो से भी पुलिस व जांच एजेंसी को कोई मदद नहीं मिल रही है। दोनों संदिग्धों की पहचान होने के बाद वीडियो के जरिये कातिलों तक पहुंचने की बात नहीं बन पाई है। वीडियो में अब तक कोई ऐसा शख्स दिखाई नहीं दे रहा, जिस पर मर्डर का शक हो। पूरे घटनाक्रम को देख कर लगता है कि तंजील अहमद के कातिल बेहद चालक थे। उन्होंने मर्डर करने से लेकर भागने तक कोई सबूत नहीं छोड़ा है। कातिल पहले से जानते थे कि तंजील मर्डर की तहकीकात गहराई से से होगी। कातिलों ने पहले रेकी के साथ पूरी योजनाबद्व तंजील को मारा।
पुलिस कार्यप्रणाली से उपजा असंतोष
स्योहारा (बिजनौर)। सहसपुर के तंजील हत्याकांड में हत्यारों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज होकर उलेमा ने भी पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रशासन से शुक्रवार तक सहसपुर और स्योहारा पुलिस के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है। बुधवार की दोपहर बाद सहसपुर जामा मस्जिद में आयोजित उलेमा की बैठक में बिजनौर जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अनवार उल हक ने एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या पर गम का इजहार किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की नाक के नीचे तंजील अहमद की हत्या कर दी गई। पुलिस हत्यारों को पकड़ना तो दूर उनकी सही सुराग तक नहीं लगा पाई है। उन्होंने प्रशासन से कहा कि पुलिस अगर शुक्रवार तक हत्यारों को नहीं पकड़ पाती है, तो उलेमा आंदोलन करेंगे। जामा मस्जिद में इस मौके पर स्योहारा शहर इमाम काफिल अंसारी, जामा मस्जिद इमाम कारी इम्तियाज अहमद ने भी तंजील की हत्या को दुखद बताया। इसके बाद, मौलाना अनवारूल हक ने कई लोगों के साथ स्योहारा थानाध्यक्ष से मिलकर मृतक के ही रिश्तेदारों को परेशान करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस नाबालिग लड़कों को उठा रही है और प्रताड़ित कर रही है उन्होंने सहसपुर चौकी इंचार्ज को निलंबित करने की मांग की।
सहसपुर का हिस्ट्रीशीटर साथी के साथ गायब
मुरादाबाद। एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या के खुलासे में जुटीं टीमों को लंबी तफ्तीश के बाद एक कड़ी मिली है। तंजील अहमद के पैतृक गांव सहसपुर में उस दिन मौजूद रहा हिस्ट्रीशीटर अपने साथी के साथ गायब बताया गया है। उसकी तलाश में पुलिस ने छापे मारे हैं। पुलिस ने इस बात की भी पुष्टि की है कि तंजील अहमद की हत्या वाले दिन हिस्ट्रीशीटर की मोबाइल की लोकेशन गांव में ही मिली थी। एनआईए अफसर हत्याकांड की पड़ताल में जुटी पुलिस टीमों को गांव वाले भी इनपुट देकर मदद कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो गांव और इलाके की खाक छान रहीं टीमों को ग्रामीणों ने बताया कि घटना वाली रात गांव में एक हिस्ट्रीशीटर अपने किसी साथी के साथ घूम रहा था। लेकिन सुबह होते ही वह गायब हो गया था। तंजील की हत्या की खबर सुनकर ग्रामीण ही नहीं बल्कि आस-पड़ोस के गांवों के लोग भी मौके पर जुट गए थे। लेकिन उस अपराधी को किसी ने नहीं देखा। जांच टीमों को सुराग मिला तो इस पर पड़ताल भी शुरू करने में देर नहीं की। उसके मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया और तत्काल उसकी कॉल डिटेल भी निकलवाई गई। जिससे पता चला कि घटना वाली रात उसकी लोकेशन गांव में थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया था। पुलिस टीम ने उसकी तलाश में मंगलवार की रात उसके घर दबिश दी। लेकिन वह पुलिस को नहीं मिला। इसके अलावा जांच टीमों को ये भी पता चला कि संदेह के घेरे में आया शख्स एनआईए अफसर से रंजिश भी रखता था। कुछ साल पहले वह किसी बड़ी वारदात में दूसरे जनपद में पकड़ा गया था। उसे शक था कि तंजील अहमद के इशारे पर ही उस पर कार्रवाई की गई थी।
स्योहारा के मुनीर-शूटर नीरज बवाना की तलाश
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/अलीगढ़ में एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या के मामले में एसटीएफ को मेरठ समेत वेस्ट यूपी के ऐसे शूटरों की तलाश है, जो वारदात में खासकर 9 एमएम की पिस्टल प्रयोग करते हैं। इसके अलावा जांच एजेंसियों का फोकस पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अभी तक सुलझे, अनसुलझे मर्डर केसों पर है।
एसटीएफ के मुताबिक बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र के निवासी शार्प शूटर और एएमयू के छात्र मुनीर ने दो साल पहले अलीगढ़ सिविल लाइंस अमीर निशा में कारोबारी फहद की हत्या की थी। तंजील अहमद की हत्या के बाद बिजनौर पुलिस को अपने जिले के सभी शूटर याद आए तो सबसे पहला नाम मुनीर का सामने आया। दरअसल मुनीर ने फहद की हत्या में 9 एमएम बोर की पिस्टल इस्तेमाल की थी। तंजील अहमद की हत्या में भी 9 एमएम पिस्टल का प्रयोग हुआ। साथ ही तंजील अहमद की हत्या भी स्योहारा थाना क्षेत्र में ही हुई थी।
हापुड़ में करीब छह माह पहले आरिफ की हत्या में भी शूटर नीरज बवाना ने 9 एमएम बोर की पिस्टल का प्रयोग किया था। अहम बात यह है कि आरिफ हत्याकांड को सुलझाने में एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद का भी सहयोग लिया गया था। एसटीएफ के अनुसार आरिफ तंजील अहमद की दूर की रिश्तेदार में आता था, इसलिए तंजील मदद के लिए आगे आए थे। इसके अलावा मेरठ में फिरोज पव्वा का साथी मोनू 9 एमएम की पिस्टल से वारदात करता है, जोकि अभी फरार चल रहा है। बता दें कि मोनू सरूरपुर थाना क्षेत्र का निवासी है और कुख्यात ऊधम सिंह के गैंग का शूटर है। 9 एमएम की पिस्टल से होने वाली वारदात और अनसुलझी हत्याओं पर एसटीएफ जांच कर रही है।
बिहार पहुंची यूपी एटीएस की टीम
मुरादाबाद। एनआईए अफसर मो. तंजील अहमद हत्याकांड के खुलासे में जुटी यूपी एटीएस की एक टीम हथियार तस्कर प्रदीप से पूछताछ करने के लिए मंगलवार को बिहार पहुंची। हालांकि मंगलवार को टीम प्रदीप से पूछताछ नहीं कर पाई। सूत्रों की माने तो पुलिस मुंगेर के उस थाने में भी गई। जिस क्षेत्र में मुरादाबाद निवासी प्रदीप सिंह को 9 एमएम की पिस्टल और मैग्जीन के साथ एसटीएफ की टीम ने पकड़ा था। संभवत: बुधवार को प्रदीप से पूछताछ हो पाएगी।