कासमपुर गढ़ी । मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अनुदान लेने के लिए गर्भवती महिला का दोबारा निकाह करा दिया गया। बताया गया कि जोड़े का सात माह पहले निकाह हो चुका है। बीते शनिवार को ब्लॉक में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में भी उनका निकाह कराया गया। मामला उजागर होने पर दंपती को मिलने वाले सामान व दुल्हन को मिलने वाली धनराशि रोक दी गई है।
ब्लाॅक अफजलगढ़ में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बीते शनिवार को बादीगढ़-सुआवाला मार्ग स्थित जीविका गार्डन भगतावाला में विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें 145 हिंदू, 42 मुस्लिम एवं तीन सिख जोड़ों की शादी कराई गई थी। हिंदू जोड़ों के फेरे कराए गए जबकि मुस्लिम जोड़ों का निकाह पढ़वाया गया। बीते मंगलवार को विवाहित जोड़ों को शादी का सामान वितरित किया जा रहा था तो सामान दे रहे कर्मचारियों को दुल्हन के गर्भवती होने का पता लगा। जानकारी की गई तो सामने आया कि जोड़े की सात माह पूर्व शादी हो चुकी है। इसके बावजूद उनका सामूहिक विवाह कार्यक्रम में निकाह कराया गया। दुल्हन गर्भवती भी है।
बीडीओ मनवीर सिंह का कहना है कि दंपती को सामान नहीं दिया गया है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं सीडीओ रणविजय सिंह ने बीडीओ को निर्देश दिए कि पंचायत सचिव तथा एडीओ समाज कल्याण की भूमिका की भी जांच की जाए। सीडीओ ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
85 हजार का मिलता है लाभ, 15 हजार व्यवस्था पर खर्च
पहले सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 51 हजार रुपये का लाभ दिया जाता था लेकिन एक साल से यह लाभ एक लाख रुपये कर दिया गया है। दुल्हन को 25 हजार रुपये का सामान दिया जाता है जबकि 65 हजार रुपये दुल्हन के खाते में भेजे जाते हैं। 15 हजार रुपये व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं।
कई बार की जांच के बाद दिया जाता है लाभ
योजना के तहत लाभ लेने को ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है। पात्रता की जांच पंचायत सचिव और एडीओ स्तर से की जाती है। पात्र पाए जाने पर जोड़ों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विवाह कराया जाता है।