गुरुवाणी, शबद-कीर्तन से गूंजा गुरुद्वारा नानक शाही
नजीबाबाद। गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर शबद-कीर्तन और गुरुवाणी से गुरुद्वारा परिसर गूंजता रहा। कवि दरबार के माध्यम से कवियों ने गुरु गोबिंद सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व से संगत को निहाल किया।
गुरुद्वारा गुरुनानक शाही श्री सिंह सभा गुरुद्वारा परिसर में दसमेश गुरु गोबिंद सिंह महाराज के प्रकाशोत्सव पर शबद-कीर्तन आदि धार्मिक आयोजन हुए। मुख्य ग्रंथी उपकार सिंह, गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान नरेंद्र सिंह वाधवा, सचिव हरेंद्र सिंह, हरभजन सिंह, एसपी खन्ना की उपस्थिति में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में रागी जत्थों ने गुरु गोबिंद सिंह के उच्च आदर्शों पर आधारित शबद-कीर्तन किया।
कथावाचक ज्ञानी सुखदेव सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह द्वारा सिख पंथ के लिए दिए गए योगदान की चर्चा की। दिल्ली से आए रागी जत्था के भाई हरप्रीत सिंह और रागी जत्था के भाई नवदीप सिंह की मंडली ने शबद-कीर्तन प्रस्तुत किए।
पंजाब सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों इंजी.करमजीत सिंह, डॉ.हरि सिंह जाचक, बीवी सर्वजीत कौर, गुरुचरण सिंह परवाज ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं के साथ दसमेश गुरु गोबिंद सिंह के व्यक्तित्व, कृतित्व और त्याग भावना को समूचे विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। अरदास के साथ गुरुद्वारा परिसर में लंगर बरताया गया। गुरुद्वारा परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में चंचल सिंह चंदोक, मनविंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, सरदार बलवीर सिंह, सर्वजीत सिंह, चरनजीत कौर, बलवीर कौर, गुरविंदर कौर, हरविंदर कौर, मनमीत कौर, कंवलजीत कौर, तनप्रीत कौर, प्रिंस, अमरजीत, गुरपाल सिंह, मनमोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में सिख समाज प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
नजीबाबाद में गुरु गोबिंद सिंह प्रकाशोत्सव पर पाठ करते ग्रंथी।- फोटो : NAZIBABAD