नजीबाबाद में बुंदकी के गांव जटपुरा क्षेत्र में रेल लाइन के पास गुलदार का शव पड़े होने की सूचना वन विभाग को दी गई। घटना स्थल सामाजिक वानिकी के अंतर्गत आने की बात कही गई। सूचना के बावजूद सीमा विवाद को लेकर नगीना और नजीबाबाद के सामाजिक वानिकी विभाग के अधिकारी घंटों घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। आखिरकार सामाजिक वानिकी नगीना के रेंजर चंद्रकिरन के निर्देश पर वन रक्षक धमेंद्र कुमार एवं वन वाचर लाल सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर गुलदार शावक शव अपने कब्जे में लिया। गुलदार के सिर एवं पांव में चोट थी। एक पांव के नाखून गायब थे तथा पूंछ कटी हुई थी। क्षेत्रवासियों ने गुलदार की हत्या कर शव फेंके जाने का अनुमान जताया। प्रारंभिक जांच में कर्मचारियों ने रेल से टकराने से गुलदार शावक की मृत्यु की बात कही।
गोह को हरेवली वन रेंज में छोड़ा
अफजलगढ़। कादराबाद स्थित स्वास्थ्य केंद्र में गोह दिखाई देने से अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने गोह को पकड़कर हरेवली वन रेंज में छोड़ दिया। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया गोह काफी दिनों से स्वास्थ्य केंद्र में दिखाई दे रही है। सूचना वन विभाग को दी। डिप्टी रेंजर ने गोह को पकड़ लिया।
गोह को हरेवली वन क्षेत्र में छोड़ा।