05ड्ड खेतों में विचरण करता गुलदार।
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बिजनौर। गुलदार ने मंडावर के गांव रतनपुर रियाया एवं मोहंडिया के बीच डेरा डाल दिया है। गुलदार के गांव के पास में डेरा डालने से वन विभाग चौकस हो गया है। गुलदार को पकड़ने के लिए गांव मोहंडिया के जंगल के बीच में भी पिंजरा लगाया जा रहा है।
वन विभाग की टीम को मोहंडिया के जंगल में गुलदार दिखा भी है। गुलदार सामान्य रूप में एक आदमी के बराबर एक दिन में चल सकता है। लेकिन ऐसा तभी होता है जब उसके पीछे बाघ पड़ा हो अथवा उसे अपने बच्चे की सुरक्षा में इलाका खाली करना हो। इन दोनों में से कोई स्थिति न होने पर भी गुलदार एक दिन में 10 किलोमीटर तक आराम से चलता है। वह शिकार के साथ साथ अपने इलाके की निगरानी करता है। बृहस्पतिवार को गुलदार ने गांव मोहंडिया में शफीक को खेत में काम करते हुए मार डाला था। इसके बाद गुलदार ने मोहंडिया से आगे गांव रतनपुर में भी किसान पर हमला करने की कोशिश की। शुक्रवार को गुलदार ने फिर से गांव मोहंडिया में दो कुत्तों को निवाला बना लिया।
शनिवार शाम को वन विभाग की टीम को गुलदार फिर से वहीं दिखाई दिया है जहां उसने शफीक को मारा था। मोहंडिया एवं रतनपुर के बीच करीब ढाई किलोमीटर का फासला है। यहां पर नीलगाय आदि शिकार भी काफी संख्या में है। विभाग के अफसरों का मानना है कि यहां पर गुलदार ने जंगल में ठिकाना बना लिया है। हालांकि गुलदार ज्यादा दिन तक एक इलाके में नहीं रुकता। विभाग चाहता है कि एक दो दिन में ही गुलदार को पिंजरे में किसी तरह पकड़ लिया जाए।
डीएफओ एम सेम्मारन के अनुसार गुलदार की लोकेशन दोनों गांव के बीच में ही है। उसे पकड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है। गांव वालों को खेत में जाने को लेकर सचेत किया गया है।