बिजनौर। गुलदार एक बार फिर से गांव मोहंडिया के जंगल में ही दिखा। अब वन विभाग ने उसे पिंजरे में ही पकड़ने के लिए गांव में डेरा डाले रहने का फैसला किया है। अगर एक दो दिन में कामयाबी नहीं मिलती है तो वन विभाग की टीम हांका लगाएगी।
25 दिसंबर को गांव मोहंडिया के जंगल में काम कर रहे बिचपड़ी निवासी शफीक को गुलदार ने मार डाला था। मादा गुलदार शफीक को खींचकर गन्ने के खेत में ले गई थी। पगमार्क के आधार पर गुलदार के मादा होने का पता चला था। गुलदार शनिवार, रविवार व सोमवार को भी वन विभाग की टीम को दिखी। वन विभाग के ट्रैप कैमरे में भी मादा गुलदार की आधी रात के बाद फोटो कैद हुए थे। लेकिन मंगलवार को मादा गुलदार नहीं दिखी। अगर मादा गुलदार किसी आबादी के पास वाले दूसरे क्षेत्र में चली जाती तो वन विभाग को उसे पकड़ने को पिंजरे लगाने की कवायद फिर से शुरू करनी पड़ती। बुधवार को फिर से एक किसान को खेत में गुलदार दिखने के बाद वन विभाग की टीम फिर से सक्रिय हो गई है। टीम गुलदार को पिंजरे में ही पकड़ना चाहती है। गुलदार को ट्रैंकुलाइज करना इतना आसान नहीं होगा। अगर गुलदार पकड़ में नहीं आता है तो उसकी लोकेशन का पता करके उसे हांका करके नजीबाबाद रेंज के वन क्षेत्र में खदेड़ा जाएगा। डीएफओ डा. एम सेम्मारन के मुताबिक गांव में पिंजरे लगे हुए हैं। अभी मादा गुलदार मोहंडिया के जंगल में ही है। उसे पकड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है।
बच्चों के साथ दिखी मादा गुलदार
गजरौलाशिव। गांव जंदरपुर व हमीदपुर के बीच में जंगल में बुधवार को एक मादा गुलदार दो बच्चों के साथ सड़क पार करती दिखी। गुलदार अपने बच्चों के साथ गांव जंदरपुर निवासी अब्बास के आम के बाग में चली गई। कुछ देर बाद गुलदार गन्ने के एक खेत में चली गई। गुलदार के दिखने का पता चलने पर मौके पर गांव वालों की भीड़ जमा हो गई। गांव वालों ने मादा गुलदार व उसके बच्चों को पकड़वाने की मांग की है।