गेहूं की उन्नतशील प्रजातियां किसानों को करेंगी मालामाल
धामपुर। सरकार ने जिले के किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में आधारीय उन्नतशील गेहूं की कई प्रजातियों के बीज कृषि विभाग का उपलब्ध करा दिए हैं। गेहूं की अगेती बुवाई करने वाले किसान नई प्रजातियों के बीजों को जमकर खरीद रहे हैं।
गेहूं की अगेती बुवाई 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक ही होती है। इसके बाद पछेती बुवाई शुरू हो जाती है, जो 15 दिसंबर तक बोई जाती है। कृषि विभाग के स्टोर प्रभारी मुनीश कुमार का कहना है कि 50 प्रतिशत के अनुदान पर किसानों को बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए किसानों से उनका आधार नंबर, बैंक की पासबुक और कृषि विभाग की ओर से कराए पंजीकरण की संख्या मांगी जा रही है। अनुदान किसानों के खातों में जाएगा।
बिजनौर में कृषि विभाग के 11 गोदाम हैं। जिले में चार अगेती आधारीय उन्नतशील प्रजातियों डीबीडब्लू-187, 222, डब्लू एच-1124 व पीबीडब्लू 343 को पर्याप्त मात्रा में भेजा गया है। किसानों को सुझाव दिया जा रहा है कि इन प्रजाति के बीजों से बुवाई करने पर उन्हें पांच से छह क्विंटल प्रति बीघा का उत्पादन प्राप्त होगा। सरकारी रेट 3915 रुपये प्रति क्विंटल है। इसमें 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। सामान्य प्रजाति का एचडी 2967, पीडब्लू-़1 जेडएन बीज भी मौजूद है। इसका भाव 37 सौ रुपये प्रति क्विंटल है।
पिछले साल धामपुर ब्लाक में छह हजार बीघा में हुई थी बुवाई
अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल धामपुर ब्लाक में 500 क्विंटल गेहूं के बीज की बिक्री हुई थी। करीब छह हजार बीघा से ज्यादा जमीन में किसानों से गेहूं की बुआई की थी। समूचे जिले में करीब 96 हजार बीघे में किसान गेहूं की बुवाई करते हैं।
तीन बार जुताई करने के बाद करें गेहूं की बुवाई
अधिकारियों का सुझाव है कि किसान गेहूं की फसल की बुवाई हल से कर रहा है तो आठ किलो प्रति बीघा और यदि खेत में छिड़काव कर बोता है तो करीब 10 किलोग्राम बीज लगता है। यह गेहूं की अगेती फसल को बोने का उपयुक्त समय चल रहा है। सभी प्रजातियों का बीज पर्याप्त मात्रा में गोदामों पर मौजूद है। किसानों को कम से कम तीन बार जुताई करने के बाद खेत में गेहूं की बुवाई करनी चाहिए।