फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बढ़ रहा शहर, नहीं मिल रहीं सुविधाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
बढ़ रहा शहर, नहीं मिल रहीं सुविधाएं
विज्ञापन

बिजनौर। 15 साल पहले ईदगाह रोड बनी थी, तब से लेकर आज तक इस सड़क की सुध नहीं ली गई। अब यह सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। ईद के वक्त कुछ गड्ढे भरकर इसकी मरम्मत कर दी जाती है। ईद बीतने के बाद सड़क का निर्माण ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। बीते दस सालों से ऐसा ही हो रहा है। पहले ईदगाह रोड का आधा हिस्सा ही पालिका में था, अब यह सारा हिस्सा हिस्सा पालिका में शामिल हो चुका है। नगरपालिका का क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उस हिसाब से लोगाें को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
मोहल्ला काजीपाड़ा में मुस्लिम फंड के सामने से ईदगाह तक सड़क जाती है। इस सड़क पर अगर कोई निकल जाए तो दोबारा जाने की हिम्मत नहीं करता। हालांकि मोहल्ले वालों की इस सड़क से निकलना मजबूरी बन चुकी है। सड़क में जगह जगह गड्ढे बने हुए हैं। गड्ढों से उड़ती धूल और ज्यादा परेशान करती है। भड़बूजों से सैनियों तक सड़क पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुकी है। बताया गया कि यह सड़क पंद्रह साल पहले बनी थी। जो कुछ सालों में ही टूट गई। सड़क के दोनों ओर नाले बने हुए हैं, लेकिन ये नाले जगह-जगह से बंद हैं। एक तरफ के नाले पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है, जिनकी सफाई नहीं हो पाती। दूसरी साइड के नाले में भी पानी की निकासी नहीं है। सिर्फ पानी भरा रहता है। बरसात होने पर पूरी सड़क पर पानी ही पानी रहता है। तमाम शिकायतों के बाद भी पालिका इस पर ध्यान नहीं देती।
विज्ञापन

सफाईकर्मी करते हैं आनाकानी
काजीपाड़ा मोहल्ले में ईदगाह रोड का आधा हिस्सा पहले से ही पालिका के क्षेत्र में है, जबकि आधा हिस्सा ईदगाह तक पहले फरीदपुर काजी में था। अब एक साल पहले पूरा मोहल्ला पालिका में शामिल हो गया है। पालिका के सफाई कर्मी पुराने क्षेत्र में लगने वाली आधी सड़क तक ही कूड़ा उठाते हैं। नए क्षेत्र में उठाने से आनाकानी करते हैं। एक नाले की सफाई होने के बाद बुधवार को कीचड़ सड़क पर ही पड़ा दिखाई दिया।
क्या कहते हैं मोहल्लेवासी
ईदगाह रोड के दुकानदार अनिल कुमार ने बताया कि सड़क ही नहीं यहां के लोग नालों से भी परेशान हैं। एक तरफ का नाला बंद पड़ा है। जिसकी सफाई नहीं होती। दूसरी तरफ का नाला भी कई जगह से बंद है। बरसात ही नहीं अन्य दिनों में भी नाले मेें पानी बहता नहीं है, सिर्फ इकट्ठा होता रहता है। मोहम्मद शाकिर ने बताया कि सिर्फ ईद के दिनों में ही सड़क के गड्ढे भर दिए जाते हैं और सफाई करा दी जाती है। ईद बीतने के बाद सड़क की तरफ कोई मुड़कर भी नहीं देखता। सड़क पर उड़ने वाली धूल से दुकानदार और मोहल्लेवासी काफी परेशान हैं।
विज्ञापन

कोट --------
यह सड़क कार्ययोजना में शामिल कर ली गई है। 52 लाख की लागत से सड़क का निर्माण कराया जाएगा। कोरोना काल में बजट की कमी के चलते ईदगाह रोड का निर्माण नहीं हो पाया था - रुखसाना परवीन, चेयरमैन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें