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ग्राम पंचायतों को आखिरी साल में खूब मिला पैसा

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ग्राम पंचायतों को आखिरी साल में खूब मिला पैसा
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बिजनौर। ग्राम पंचायतों की कार्यकाल के आखिरी साल में खूब बल्ले-बल्ले रही। विकास कार्यों के लिए खूब पैसा आया। इतना ही नहीं शासन ने दो दिन पहले ही पंचम राज्य वित्त की किश्त भेजी है। प्रधान कार्यकाल समाप्त होने से एक दिन पहले डीपीआरओ दफ्तर में सलाह मशविरा करने के लिए आते जाते रहे।
पंचायतों का कार्यकाल आज 25 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा। शासन ने पांच साल में पंचायतों को विकास के लिए खूब पैसा दिया। आखिरी साल में तो पंचायतों की पैसे से झोली भर दी। जिले में 1128 ग्राम पंचायत हैं। डीपीआरओ दफ्तर के अनुसार पंचायतों को 15 वे वितरण आयोग से 62 करोड़ 81 लाख 93901 धनराशि मिली है। इसी के पंचम राज्य वित्त आयोग से छह किश्त में से चार किश्त में 24 करोड़ 69 लाख मिले हैं। शेष किश्त में से आखिरी किश्त दो दिन पहले आई है। बताया गया कि पंचायतों ने आवंटित धन का 85 प्रतिशत विकास कार्यों में खर्च कर दिया है। पंचायतों में 25000 से अधिक शौचालय बने हैं। 984 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हो रहा है। जिन पंचायत में पंचायतघर नहीं थे वहां पंचायतों का निर्माण कराया गया है। बताया पंचायतों ने 700 हैंडपंप रिबोर कराए हैं। सीसी रोड बनी है। जल संचयन को तालाब बने हैं। बृहस्पतिवार को प्रधान विकास भवन के चक्कर काटते देखें ग्ए। जहां कुछ प्रधान आगे प्रधानों को ही मौका दिए जाने की जानकारी ले रहे थे, वहीं कुछ विकास कार्यों को लेकर सलाह मशविरा करने में लगे थे। पंचायतराज दफ्तर में ग्रामीण प्रधानों के खिलाफ चल रही जांच की स्थिति के बारे में पूछते देखें गए।
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70 प्रधानों के खिलाफ चल रही हैं जांच
बिजनौर। जिले के करीब 70 प्रधानों के खिलाफ की गई शिकायतों की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। विकास भवन में आए ग्रामीणों सौराज, कल्याण का कहना था कि 25 दिसंबर को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। आखिर जांच कब पूरी होगी। वहीं, ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद शासन ने पंचायतों के कामकाज के संचालन के लिए ब्लाक के एडीओ पंचायत को संबंधित पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया है। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के अनुसार प्रशासक में प्रधानों व ग्राम समितियों के सभी अधिकार निहित होंगे। प्रशासक का कार्यकाल अधिकतम छह माह होगा।
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