मैला ढोने वालों को नौकरी देगी सरकार
अफजलगढ़ (बिजनौर)। सिर पर मैला ढोने की प्रथा को पूरी तरह से समाप्त कर इसमें लगे लोगों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। ऐसे सभी लोगों को सरकार नगर पालिकाओं, नगर निगमों, नगर पंचायतों और ग्राम सभाओं में नौकरी देने जा रही है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश राज्य निगरानी समिति के सदस्य रामभरोसी लाल वाल्मीकि ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही।
अफजलगढ़ में मंगलवार को प्रवास के दौरान नगरपालिका के सभाकक्ष में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि सरकार सिर पर मैला ढोने की प्रथा को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। सिर पर मैला ढोने के काम में लगे लोगों को इस कार्य से मुक्त करा सरकार द्वारा आउट सोर्सिंग के जरिये नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों, ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार मुहैया कराएगा जाएगा। इसके लिए सरकार ने सकारात्मक प्रयास शुरू कर दिए है। संबंधित निकायों द्वारा न्यूनतम 308 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी देने का प्रावधान किया गया है। इस कार्य से मुक्त कराए लोगों को रोजगार स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा 40 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।
इस मामले को लेकर डीएम, समाज कल्याण अधिकारी को कार्य से वंचित वाल्मीकि समाज के लोगों से संबंधित योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने संविदा और आउट सोर्सिंग के तहत कार्यरत कर्मचारियों का बीमा होगा। इसके लिए पालिका के अधिकारियों को बीमा लाभ दिलाने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस दौरान चेयरपर्सन पति सलीम अंसारी, जेई आरपी यादव, लेखाकार संजीव कुमार, कर्मचारी नेता रोहिताश्व सिंह, सभासद अब्दुला खलील अहमद, दिलशाद रहे। रामभरोसी लाल ने क्षेत्र का भ्रमण भी किया। इस दौरान वाल्मीकि समाज के लोगों से उनकी समस्याओं को भी सुना और सरकार से निदान कराने का भरोसा दिया। इस मौके पर कमल कुमार, रंजीत कुमार, राजवीर सिंह, हरप्रसाद आदि रहे।