- शिकायत होने पर अपनी भूल सुधारने में जुटा लोक निर्माण विभाग, बदलवाए गए योजनाओं के बोर्ड
- शुरुआत में सड़क निर्माण होने पर उनके बोर्ड पर कर दिया था सिर्फ प्रस्तावकों का जिक्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। इसे विपक्ष के विधायकों का सरकार से परहेज कहें या अफसरों की भूल... कि प्रस्ताव पर सरकारी मुलाजिम प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के नाम का जिक्र करना ही भूल गए। मामला उछला तो अफसरों ने शिलापटों को बदलवाना चालू कर दिया। दरअसल, सड़कों के निर्माण के बाद लगाए जाने वाले बोर्ड पर सिर्फ प्रस्तावक विधायकों का नाम लिखा गया था। अब शिलापटों को पुतवाते हुए मुख्यमंत्री की प्रेरणा का जिक्र भी किया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से पिछले दिनों सड़कों का निर्माण कराया गया है। अभी कुछ सड़कों का निर्माण चल भी रहा है। सड़क निर्माण होने के बाद उक्त जगह पर परियोजना और प्रस्तावक आदि के नाम से एक बोर्ड भी लगाया जाता है। लोनिवि खंड नजीबाबाद की ओर से नजीबाबाद में भी तमाम सड़कों का निर्माण किया गया।
ऐसे में सपा के विधायक तसलीम अहमद के प्रस्तावक होना लाजिमी था। उदाहरण के तौर पर सपा विधायक के प्रस्ताव पर मोटाआम से नजीबाबाद स्थाई बाईपास मार्ग का निर्माण हुआ। इस पर बोर्ड लगाया गया, जिसमें प्रस्तावक के तौर पर सिर्फ सपा विधायक का नाम लिखा गया बल्कि प्रदेश सरकार या मुख्यमंत्री के नाम का कहीं जिक्र नहीं किया गया।
सूत्रों का कहना है कि इस तरह से पूरे क्षेत्र में 80 जगहों पर बोर्ड लगाए गए थे। जिन पर नजीबाबाद और नगीना विधायक का नाम लिखा गया। मामले में भाजपा पिछड़ा मोर्चा सोशल मीडिया के जिला प्रमुख डॉ. रितेश सैन ने शिकायत की। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की नींद टूटी।
मामला प्रदेश सरकार के खिलाफ जाता देख आनन फानन में सभी बोर्ड हटवाए गए या उन्हें पुतवाए जाने का काम किया जा रहा है। भूल को सुधारते हुए मोटाआम वाली सड़क के बोर्ड पर लोक निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रेरणा स्त्रोत बताया गया है।
फिलहाल बोर्ड लगवाए जा रहे हैं। कुछ जगहों पर ठेकेदार और पेंटर ने गलती से सिर्फ प्रस्तावक का नाम लिख दिया था। मामला संज्ञान में आने पर सही फार्मेट में बोर्ड पर सूचना अंकित कराई जा रही हैं। - शैलेंद्र, अधिशासी अभियंता लोनिवि, खंड नजीबाबाद