‘देहातों में आधुनिक अस्पतालों का निमार्ण कराए सरकार’
बिजनौर। सांसद मलूक नागर ने संसद में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री से सवाल पूछा कि कोरोना महामारी के कारण आज पूरे देश में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है और पूरे देश में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक अस्पतालों और अस्पतालों में आईसीयू की कमी है। साथ ही मौजूदा अस्पतालों में आवश्यक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का भी भारी टोटा है।
सांसद मलूक नागर ने 23 सितंबर को संसद में सवाल पूछा कि क्या सरकार गांव-देहात में नए अस्पताल बनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए कोई सब्सिडी देने व सस्ते दर पर लोन उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है। इस पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने इस कार्य को राज्य सरकार के दायरे में बताया। राज्यमंत्री ने बताया कि राज्य स्तर पर केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्यों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को उनके स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे और प्रणालियों को मजबूत करने के लिए तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान करती है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 4256.81 करोड़ रुपये दस सितंबर 2020 को राज्यों को जारी किये गए हैं। जिस पर बसपा सांसद मलूक नागर ने कहा कि जब भी कोई सवाल सरकार से पूछा जाता है तो उसमें सरकार अपनी योजनाओं का जिक्र करना शुरू कर देती है, लेकिन इन योजनाओं से संबंधित आंकड़े सरकार के कागजों में तो दिखते हैं, लेकिन उनकी जमीनी हकीकत कुछ और ही होती है।